कला मार्तंड फाउंडेशन की अगुवाई में इंदौर प्रेस क्लब के सभागार में शनिवार को गायिका विदुषी शुभदा मराठे की स्मृति में शुभदा… आसिद्धिम संकल्पत कार्यक्रम के जरिए उन्हें स्वरांजलि दी गई।
जयपुर घराने की प्रतिनिधि कलाकार शुभदा मराठे सांगीतिक रचनाओं और प्रस्तुति के लिए जानी जाती रही। उनकी स्मृति में आयोजित संगीत सभा के प्रथम सत्र का आगाज स्मिता मोकाशी ने राग मधुवंती में निबद्ध रचना पिया घर नाही से किया। फिर इसी राग में आधारित दो रचनाएं और एक भजन श्रोतागणों को सुनाए गए। तबले पर राहुल बेने और हारमोनियम पर दीपक खसरावल ने संगत की।
दूसरे सत्र में पुणे से आई जयपुर घराने की कलाकार नीता मुतालिक ने राग नंद में निबद्ध एक विलंबित एवं द्रुत खयाल आ जा रे बालमा और तराना प्रस्तुत किया।इसके बाद राग भूप में निबद्ध गुरु पद वंदन करे और द्रुत में एक बंदिश प्रस्तुत की। संत कबीर के प्रसिद्ध निर्गुण भजन निर्भय निर्गुण गुण रे गाऊंगा से आपने कार्यक्रम की समाप्ति की।
नीता के साथ तबले पर शहर के प्रसिद्ध कलाकार विलास खरगोनकर और हारमोनियम पर दीपक खसरावल ने भी सधी हुई संगति से प्रस्तुति को और रंजक बना दिया।कार्यक्रम का संचालन मानसी तराणेकर ने किया। अतिथियों का स्वागत डॉ ईश, संजय तराणेकर और रविन्द्र मराठे ने किया। कार्यक्रम में डॉ शुभांगी और सुहास निरखीवाले मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
