मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू होगी। उन्होंने कहा कि यह हमारा संकल्प है कि जब एक देश, एक विधान, एक निशान और एक प्रधान है, तो अलग-अलग कानून का क्या अर्थ है। अब मध्य प्रदेश उन राज्यों में शामिल हो रहा है, जहां एक समान कानून लागू होगा। प्रदेश इसके लिए आगे बढ़ रहा है। हमने इसके लिए कमेटी बनाई है और सुझाव भी लिए जा रहे हैं। कई प्रकार के सुझाव मुस्लिम भाइयों द्वारा भी आ रहे हैं।
अब तक तीन राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू है। उन्होंने कहा कि समानता की भावना को मजबूत करने के लिए सभी नागरिकों के लिए समान कानून आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देश के कुछ राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू की जा चुकी है और अब मध्य प्रदेश भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यूसीसी के लिए राज्य सरकार ने समिति का गठन किया है, जो विभिन्न वर्गों से सुझाव प्राप्त कर रही है। अब तक लाखों लोगों से सुझाव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसी भी स्थिति में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह कदम सामाजिक समरसता, समान अधिकार और न्यायपूर्ण व्यवस्था को मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री विमानतल पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को विदाई देने आए थे। मध्य प्रदेश के दौरे पर आई राष्ट्रपति ने ओंकारेश्वर में रात्रि विश्राम किया था। वहां से वे सुबह इंदौर विमानतल पर लौटीं और सुबह विशेष विमान से बंगाल के लिए रवाना हुईं। उससे पहले उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की।