सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में बीकॉम परीक्षा के दौरान फर्जी तरीके से परीक्षा देते पकड़ी गई छात्रा के मामले में पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। माधव नगर थाना पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि पकड़ी गई युवती खुद JEE जैसी कठिन परीक्षा पास कर चुकी है और वर्तमान में उज्जैन के गवर्मेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक की पढ़ाई कर रही है। हैरानी की बात यह है कि मंगलवार को उसका खुद का बीटेक का पेपर था, लेकिन उससे पहले ही वह दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़ी गई।

दूसरे के स्थान पर दे रही थी बीकॉम की परीक्षा

जानकारी के अनुसार, बीकॉम की इस परीक्षा में सपना भदोरिया को शामिल होना था, लेकिन उसकी जगह इंदौर निवासी युवती परीक्षा देने पहुंची। जांच के दौरान यह युवती विशाखा माहेश्वरी निकली, जिसे मौके से गिरफ्तार किया गया। शुरुआती पूछताछ में आरोपी युवती ने अपना नाम प्रिशा साहू निवासी यादव नगर, इंदौर बताया और खुद को एक निजी कॉलेज की बीटेक छात्रा बताया। उसने कहा कि वह अपनी दोस्त की बहन की जगह परीक्षा देने आई थी। लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना असली नाम विशाखा माहेश्वरी बताया, जो उज्जैन के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक की छात्रा है।

परीक्षा देने के बदले मिले 3000 रुपए

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इस फर्जी परीक्षा के एवज में विशाखा को भूमि काकड़े नाम की युवती ने पहले 1000 रुपए और बाद में 2000 रुपए दिए थे। इस तरह उसे कुल 3000 रुपए एडवांस मिले थे, जिसके बाद वह परीक्षा देने के लिए तैयार हो गई। मामले में माधव नगर थाना पुलिस ने विशाखा माहेश्वरी, सपना भदोरिया और ऋषभ नाम के युवक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।

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संगठित गिरोह की आशंका, जांच जारी

माधवनगर थाना प्रभारी गजेंद्र पचोरिया के अनुसार, इस मामले में संगठित गिरोह की भूमिका होने की आशंका है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी इसी तरह की गतिविधियों में शामिल रहे हैं या नहीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने बताया कि छात्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जा चुकी है और अब यह प्रकरण प्राक्टोरियल बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

‘बस पेपर दे दो, सब सेट है’ 

पूछताछ में विशाखा ने बताया कि उसे भरोसा दिलाया गया था कि वह सिर्फ परीक्षा दे दे, बाकी सब पहले से सेट है। उसे कहा गया था कि ऐसे काम पहले भी हो चुके हैं और कोई परेशानी नहीं होगी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बीटेक की छात्रा होने के बावजूद वह बिना हिचकिचाहट बीकॉम का पेपर देने बैठ गई। उसने बताया कि उसे केवल परीक्षा हॉल में बैठकर कॉपी में कुछ भी लिखना था, पूरा सेटअप पहले से तय था।



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