शहर में तैनात स्पेशल आर्म्ड फोर्स के एक कॉन्स्टेबल द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। सेकंड बटालियन के गेट पर ड्यूटी के दौरान कॉन्स्टेबल कुलदीप अनुरागी (40) ने अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली। घटना के बाद पूरे कैंपस में हड़कंप मच गया और साथी जवानों में शोक की लहर दौड़ गई।

जानकारी के मुताबिक कुलदीप अनुरागी की ड्यूटी क्वार्टर गार्ड पर संतरी पहरे के रूप में रात 2 बजे से सुबह 6 बजे तक थी। सुबह करीब 5 बजे गोली चलने की आवाज सुनकर अन्य जवान मौके पर पहुंचे तो देखा कि कुलदीप कुर्सी पर घायल अवस्था में बैठे हुए थे। उनके सीने से खून बह रहा था और पास ही उनकी सर्विस राइफल पड़ी हुई थी। साथियों ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

SAF जवानों के अनुसार घटना से ठीक पहले कुलदीप अपने परिवार से वीडियो कॉल पर बात कर रहे थे। बताया गया कि सुबह करीब साढ़े चार बजे भी उन्हें कमांडर ने चेक किया था, उस समय भी वे फोन पर बातचीत कर रहे थे, इसके कुछ ही देर बाद गोली चलने की आवाज आई।

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मृतक कॉन्स्टेबल कुलदीप अनुरागी मूल रूप से छतरपुर जिले के नौगांव के निवासी थे और वर्ष 2005 में SAF में भर्ती हुए थे। अपने सेवाकाल के दौरान वे दतिया, शिवपुरी और ग्वालियर में पदस्थ रह चुके थे। करीब 17 साल पहले उनकी शादी हुई थी। उनके परिवार में पत्नी प्रियंका अनुरागी, 16 वर्षीय बेटा वीर और 15 वर्षीय बेटी अनाया हैं।

घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी प्रियंका अनुरागी ने बताया कि सुबह करीब 4:30 बजे कुलदीप का वीडियो कॉल आया था। उन्होंने सामान्य हालचाल पूछा और कहा कि वे सुबह 5 बजे तक घर आ जाएंगे। जब प्रियंका ने कॉल करने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि बस याद आ रही थी, इसके बाद कॉल कट गया।

प्रियंका के मुताबिक यही उनकी आखिरी बातचीत थी। कुछ ही देर बाद साथी जवानों से सूचना मिली कि कुलदीप ने खुद को गोली मार ली है। प्रियंका ने बताया कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि उन्होंने इतना बड़ा कदम उठा लिया। उन्होंने कहा कि कुलदीप ने कभी अपनी नौकरी या बटालियन को लेकर कोई शिकायत नहीं की और न ही घर में किसी प्रकार का विवाद था। वे हमेशा परिवार का ख्याल रखने वाले और जिम्मेदार व्यक्ति थे। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आत्महत्या के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है।

अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, जिसमें पारिवारिक, मानसिक और ड्यूटी से जुड़े कारण शामिल हैं। यह घटना न केवल सुरक्षा बलों के भीतर मानसिक दबाव के मुद्दे को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कई बार व्यक्ति अपनी परेशानी साझा नहीं कर पाता और ऐसा दुर्भाग्यपूर्ण कदम उठा लेता है। फिलहाल पूरे SAF परिसर में शोक का माहौल है और जवानों ने अपने साथी को नम आंखों से श्रद्धांजलि दी है।



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