राजधानी भोपाल में सक्रिय एक शातिर ठग गिरोह का जीआरपी ने भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह रेल यात्रियों को असली नोटों का लालच देकर नकली नोट थमाकर ठगी करता था। पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कार, मोबाइल फोन, नगदी सहित करीब 9 लाख रुपये का सामान जब्त किया है।

मामले की शुरुआत 17 अप्रैल को हुई, जब सेना में पदस्थ अमर सिंह ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल को उद्योग नगरी एक्सप्रेस से पुणे जाते समय भोपाल रेलवे स्टेशन पर भीड़ का फायदा उठाकर बदमाशों ने उनका मोबाइल और एटीएम कार्ड चोरी कर लिया। बाद में उनके खाते से रकम भी निकाल ली गई।

शिकायत के बाद जीआरपी ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें कुछ संदिग्ध युवक फरियादी को घेरते नजर आए। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने रेलवे स्टेशन से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।

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दिल्ली से आकर करते थे वारदात


पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम जोगिंदर, दिलशाद, अरशद, सुमित उर्फ धीरज, मोहम्मद अनवर और अमानतुल्लाह बताए। सभी आरोपी दिल्ली के बवाना स्थित जेजे कॉलोनी के निवासी हैं। जांच में सामने आया कि वे मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और रोजगार की तलाश में दिल्ली आकर अपराध में शामिल हो गए।

पुलिस के अनुसार गिरोह देशभर के रेलवे स्टेशनों पर सक्रिय था और खासकर आर्मी जवानों व भोले-भाले यात्रियों को निशाना बनाता था। आरोपी पहले दोस्ती करते, फिर नकली नोटों की गड्डी दिखाकर ऑनलाइन पेमेंट के बदले ज्यादा नकद देने का लालच देते। भरोसा जीतने के बाद मोबाइल और एटीएम कार्ड चोरी कर खातों से पैसे निकाल लेते थे।

इंदौर में भी कर चुके हैं ठगी


आरोपियों ने इंदौर में करीब डेढ़ लाख रुपये की ठगी करना कबूल किया है। इनके खिलाफ दिल्ली, गाजियाबाद और मथुरा में पहले से चोरी, धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के मामले दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी कार से भोपाल पहुंचे थे और भीड़भाड़ वाले रेलवे स्टेशनों को निशाना बनाते थे। 20 से 22 वर्ष के ये युवक सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। जीआरपी आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।



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