उज्जैन नगर निगम की टीम की एक कार्रवाई काफी चर्चा में बनी हुई है, जिसमें उन्होंने लगभग 40 लाख रुपये कीमत की प्रतिबंधित पॉलिथिन पर बुलडोजर चलाकर उसे नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान 22 टन प्लास्टिक सामग्री को एमआर-5 ट्रांसफर स्टेशन पर नष्ट किया गया है।
पूरा मामला कुश इस प्रकार है कि निगमायुक्त अभिलाष मिश्रा के निर्देश अनुसार स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान एवं प्रतिबंधित पॉलीथिन के पूर्ण रूप से प्रतिबंध हेतु नगर निगम द्वारा निरंतर शहर में प्रतिबंधित पॉलीथिन को जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है। निगम के पास बड़ी मात्रा में पॉलीथिन संग्रहित हो गई थी, जिसे नगर निगम मुख्यालय स्थित भंडार कक्ष, ग्रांड होटल एवं मक्सी रोड स्थित डिपो पर रखा जा रहा था। इसका अनुमानित वजन लगभग 22 टन से अधिक था। पॉलिथीन को निगम द्वारा डिस्ट्रॉय करते हुए इसे विक्रय करने के लिए टेंडर प्रक्रिया की गई, जिसमें संबंधित निविदा दाता द्वारा 23 रुपये प्रति किलो की दर से डिस्ट्रॉय पॉलिथीन को खरीदने की राशि डाली गई थी। टेंडर स्वीकृत के पश्चात नगर निगम द्वारा सभी जगह से संग्रहित लगभग 22 टन से अधिक की मात्रा में प्रतिबंधित पॉलीथिन जिसमें डिस्पोजल ग्लास, चम्मच, दोने इत्यादि को रोड रोलर, जेसीबी मशीन एवं डंपर को चलाते हुए पूर्ण रूप से नष्ट किया गया। साथ ही पॉलीथिन को ग्राइंडर मशीन के माध्यम से क्रश किया गया। उसके बाद संबंधित निविदादाता को क्रश की हुई पॉलिथीन सुपुर्द की गई, जिससे कि इससे दाने एवं डस्टबिन बनाए जाने के उपयोग में ली जा सकेगी। इस प्रकार नगर निगम को इस कार्य से 5 लाख रुपये से अधिक की आय भी प्राप्त हुई। साथ ही इस 22 टन प्रतिबंधित पॉलीथिन का बाजार मूल्य लगभग 40 लाख रुपए से भी अधिक है।
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पहले चला बुलडोजर फिर चली मशीन
निगम द्वारा जब्त की गई पॉलिथीन, डिस्पोजल ग्लास, दोने और चम्मच को पहले मशीन कटर से काटा गया, फिर क्रशिंग मशीन से गुजारा गया। अंत में रोड रोलर चलाकर पूरी सामग्री को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। बताय जाता है कि नगर निगम ने सख्त कार्रवाई के चलते शहरभर से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त कर अलग-अलग स्थानों पर रखा गया था। इस स्टॉक को खत्म करने के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई।
रीसाइक्लिंग के लिए होगा उपयोग
निगम ने टेंडर के जरिए प्लास्टिक सामग्री को 23 रुपए प्रति किलो की दर से एजेंसी को सौंप दिया है। अब यह सामग्री रीसाइक्लिंग के माध्यम से प्लास्टिक दाने और डस्टबिन जैसे उत्पादों में बदली जाएगी।

ऐसे हुई कार्रवाई

ऐसे हुई कार्रवाई

ऐसे हुई कार्रवाई
