भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग कॉलेज में अव्यवस्थाओं और छात्राओं की परेशानी को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। एनएसयूआई ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। एनएसयूआई का आरोप है कि कॉलेज के दो महत्वपूर्ण कमरों पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया है, जिसके कारण छात्राओं के लिए कक्षाओं की व्यवस्था तक नहीं बची। हालात ऐसे हैं कि पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष की कक्षाएं अब कॉलेज में नहीं, बल्कि छात्रावास के मनोरंजन कक्ष में लगाई जा रही हैं।
पढ़ाई प्रभावित, मनोरंजन कक्ष भी छिना
एनएसआई ने शिकायत पत्र में लिखा है कि छात्राओं का कहना है कि जिस कक्ष को तनाव कम करने और आराम के लिए बनाया गया था, अब वहीं पढ़ाई कराई जा रही है। इससे न सिर्फ पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को मानसिक दबाव भी झेलना पड़ रहा है। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि कॉलेज में मौजूद दो अहम कक्षों का उपयोग शैक्षणिक काम के बजाय निजी उपयोग के लिए किया जा रहा है। इससे नियमित कक्षाओं के संचालन में दिक्कत आ रही है।
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शिकायत करने पर फेल करने की धमकी
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने आरोप लगाया कि छात्राओं ने पहले भी कई बार कॉलेज प्रबंधन से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा शिकायत करने वाली छात्राओं को आंतरिक परीक्षा में फेल करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की धमकियां दी जा रही हैं। संगठन का कहना है कि इससे छात्राओं में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
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महिला सुरक्षा और छात्रहित का मामला बताया
एनएसयूआई ने पूरे मामले को छात्रहित और महिला सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन ने मांग की है कि कब्जा किए गए कमरे तुरंत खाली कराए जाएं, छात्राओं को सुरक्षित माहौल दिया जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। संगठन ने यह भी कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो छात्रहित में बड़ा आंदोलन किया जाएगा
