ग्वालियर में एक महिला ने तलाक पाने के लिए अपनी ही ननद को पति की दूसरी पत्नी बताकर अदालत को गुमराह किया। …और पढ़ें
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HighLights
- 2021 में कोर्ट में पेश किया गया था विवादित फोटो
- पति को बिना सुने एकतरफा तलाक की डिक्री मिली
- अप्रैल 2026 में पति को सच्चाई का पता चला
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: ग्वालियर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला ने तलाक हासिल करने के लिए अदालत को कथित रूप से गुमराह किया। महिला ने अपने पति पर दूसरी शादी का आरोप लगाते हुए अपनी ही ननद को सौतन बताया।
शादी और विवाद की पृष्ठभूमि
46 वर्षीय महिला की शादी वर्ष 1998 में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार हुई थी। उसका पति एक मार्केटिंग कंपनी में अधिकारी है और काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहता था। समय के साथ दोनों के बीच मतभेद बढ़ते गए और वर्ष 2015 से वे अलग-अलग रह रहे हैं।
तलाक के लिए कोर्ट में याचिका
तलाक पाने के उद्देश्य से महिला ने वर्ष 2021 में कुटुंब न्यायालय में याचिका दायर की। उसने पति पर दूसरी शादी करने का आरोप लगाया और सबूत के रूप में एक पारिवारिक फोटो पेश की। इस फोटो में पति अपनी बहन और अन्य रिश्तेदारों के साथ खड़ा था।
फोटो को बनाया आधार
महिला ने उसी फोटो में मौजूद अपनी ननद को पति की दूसरी पत्नी बताया। कोर्ट ने इस साक्ष्य को आधार मानते हुए पति को एकपक्षीय घोषित कर दिया, जिससे उसे अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं मिला और महिला को तलाक की डिक्री मिल गई।
पति की प्रतिक्रिया और नया मोड़
पति के अनुसार, उस दौरान उसकी मां का निधन हो गया था और वह पारिवारिक जिम्मेदारियों में व्यस्त था। अप्रैल 2026 में जब उसे तलाक की जानकारी मिली, तब रिकॉर्ड देखने पर उसे सच्चाई का पता चला।
हाई कोर्ट में चुनौती
अब पति ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। एडवोकेट धर्मेंद्र शर्मा के अनुसार, यह मामला अदालत को गुमराह करने और झूठे सबूत पेश करने से जुड़ा है, जिस पर जल्द सुनवाई होगी।
