ग्वालियर निजी अस्पताल में बच्चे की मौत पर हंगामा, परिजनों ने लापरवाही आरोप लगाया, पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार। …और पढ़ें

HighLights
- आठ माह के बच्चे की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत।
- परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया।
- अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों से साफ इनकार किया।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जीवाजीगंज स्थित निजी हॉस्पीटल में 8 माह के मासूम बच्चे की इलाज के दौरान मौत के बाद शुक्रवार सुबह परिजनों ने जमकर हंगामा किया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के बाहर चक्काजाम कर डॉक्टर पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया।
वहीं अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों से इन्कार करते हुए कहा कि बच्चे की हालत पहले से ही बहुत नाजुक थी। गोकुल बिहार पुरानी छावनी निवासी तनुष (आठ माह) को उल्टी की शिकायत पर 22 अप्रैल की दोपहर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गुरुवार देर रात उसकी मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों भड़क उठे।
मृतक के पिता प्रशांत कुशवाह का आरोप है कि एक इंजेक्शन लगाने के बाद बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। उनका कहना है कि बच्चे को सामान्य परेशानी थी, लेकिन गलत इलाज के कारण उसकी जान चली गई। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि बच्चे को सांस लेने में तकलीफ और निमोनिया था और उसकी स्थिति गंभीर थी। डॉक्टर के मुताबिक, उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था।
सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेज जांच में शामिल
घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज सौंपा है। फुटेज में परिजनों द्वारा झाड़-फूंक कराए जाने की बात सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस ने इलाज से जुड़े दस्तावेज भी जब्त कर लिए हैं और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
रिपोर्ट के आधार पर करेंगे कार्रवाई
अस्पताल पर हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। परिजनों को समझाइश देकर पैनल से पोस्टमार्टम कराया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -अतुल सोलंकी, थाना प्रभारी, जनकगंज।
पोस्टमार्टम से होगा राजफाश
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को शांत कराया। डॉक्टरों के पैनल से बच्चे का पोस्टमार्टम कराया है। इससे मौत के सही कारणों का पता चल सके। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
