मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन को लेकर सियासी माहौल गरमाता जा रहा है। राजधानी भोपाल में कांग्रेस के सेवादल कार्यकर्ताओं द्वारा किया जा रहा 25 घंटे का उपवास शुक्रवार को खत्म हुआ। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी खुद मौके पर पहुंचे और सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष अवनीश भार्गव समेत अन्य कार्यकर्ताओं को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।

25 घंटे से जारी था उपवास

सेवादल कार्यकर्ता पिछले 25 घंटे से गेहूं खरीदी की बदहाली और किसानों की ब्याज मुक्ति की मांग को लेकर उपवास पर बैठे थे। कार्यकर्ताओं का कहना था कि सरकार की नीतियों के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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पटवारी का सरकार पर सीधा हमला

अनशन समाप्त कराने के बाद जीतू पटवारी ने मीडिया से चर्चा में राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गेहूं खरीदी में जानबूझकर देरी की गई, ताकि किसान मजबूरी में अपना अनाज कम दाम पर व्यापारियों को बेच दें। उन्होंने इसे किसानों के साथ अन्याय बताया।

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भ्रष्टाचार से जुड़ रही प्रदेश की पहचान

जीतू पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश की पहचान अब विकास नहीं, बल्कि “भ्रष्टाचार के कैंसर” से होने लगी है। उनके मुताबिक, गेहूं उपार्जन में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हो रही है और इसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। कांग्रेस ने साफ किया है कि अगर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सेवादल कार्यकर्ताओं ने भी सरकार के खिलाफ संघर्ष जारी रखने की बात कही है।

 



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