शहर के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले दो लोगों के साथ पिछले साल ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी हुई थी। एक के साथ 75.47 लाख रुपये और एक से 90 लाख रु …और पढ़ें

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले दो लोगों के साथ पिछले साल ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी हुई थी। एक के साथ 75.47 लाख रुपये और एक से 90 लाख रुपये ठगे गए। इस मामले में क्राइम ब्रांच की टीम ने नेपाल बार्डर और उप्र के बरेली से दो आरोपित पकड़े हैं। इनके बैंक खातों में ठगी के रुपये गए थे। नेपाल बार्डर से पकड़े गए आरोपित के पास से 3.68 लाख रुपये बरामद हो गए हैं। दोनों को गिरफ्तार कर पुलिस ग्वालियर ले आई है और इनसे पूछताछ की जा रही है।
ठगी का शिकार हुए मुकेश गुप्ता और संजय चौहान
ग्वालियर के रहने वाले मुकेश गुप्ता से आनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 75.47 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई थी। इसके बाद संजय चौहान के साथ 90 लाख रुपये की ठगी हुई थी। दोनों ही मामलों में क्राइम ब्रांच थाने में एफआइआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने जब तकनीकि विश्लेषण किया तो मुकेश गुप्ता से ठगी गई रकम अलग-अलग बैंक खातों में पहुंची। पहली लेयर में उत्तराखंड के खटीमा गांव में रहने वाले धीरज विष्ट के बैंक आफ महाराष्ट्र के बैंक खाते में 3.68 लाख रुपये गए थे। इसके अलावा अन्य खातों में भी रकम गई थी।
बैंक खातों के विश्लेषण से बरेली और खटीमा तक पहुंची पुलिस
वहीं संजय चौहान से ठगे गए 90 लाख रुपये में से 4.60 लाख रुपये पुलकित कुमार निवासी बरेली, उप्र के यूको बैंक के खाते में गए थे। दोनों की तलाश में साइबर क्राइम प्रभारी धर्मेंद्र कुशवाह, एसआइ धर्मेंद्र शर्मा और इनकी टीम रवाना हुई। टीमों ने पांच दिन की मशक्कत के बाद इन्हें पकड़ लिया। एक टीम ने नेपाल बार्डर पर स्थित खटीमा गांव से धीरज विष्ट को पकड़ा, जबकि दूसरी टीम ने बरेली से पुलकित कुमार को पकड़ा।
रिमांड पर पूछताछ और बरामदगी की तैयारी
आरोपितों को टीम गिरफ्तार कर ग्वालियर ले आई है। अब इन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी ताकि ठगी के इस बड़े नेटवर्क और अन्य संलिप्त आरोपितों का पता लगाया जा सके। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इन खातों का संचालन आरोपित खुद कर रहे थे या उन्होंने किसी गिरोह को अपने खाते किराए पर दिए थे।
