बड़ा तालाब भोपाल के कैचमेंट एरिया से अतिक्रमण हटाने की मुहिम तय डेडलाइन के बेहद करीब पहुंचने के बावजूद धीमी गति से चल रही है। 6 अप्रैल से शुरू हुई कार्रवाई में 21 अप्रैल तक सभी 347 अतिक्रमण हटाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन 19 अप्रैल तक केवल 50 अतिक्रमण ही हट पाए हैं।अब तक की कार्रवाई में केवल छोटे ढांचे झुग्गियां, गुमटियां, टीन शेड और हल्की बाउंड्री वॉल ही हटाए गए हैं। जबकि बड़े और पक्के कब्जे अभी भी पूरी तरह से जमे हुए हैं।

कैचमेंट में बने कई बड़े निर्माण अब भी जस के तस

खानूगांव में रिटेनिंग वॉल के पास बना बड़ा गोदाम, सेवनिया गोंड की कोठी और गोरेगांव क्षेत्र में कॉलोनी का पार्क अब भी कार्रवाई से बाहर हैं। टीटी नगर और आसपास के क्षेत्रों में झील के कैचमेंट में बने कई बड़े निर्माण अब भी जस के तस खड़े हैं। सूत्रों के मुताबिक, चिन्हित अतिक्रमणों में लगभग 50 किलोमीटर के दायरे में फैले बड़े निर्माण और कब्जे शामिल हैं, जिन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। यही वजह है कि पूरी मुहिम की रफ्तार पर सवाल उठ रहे हैं।

यह भी पढ़ें-एमपी में गर्मी के बीच मौसम की चाल बदली, रतलाम 44 डिग्री, कई जिलों में बारिश के आसार

कार्रवाई में क्यों आ रही रुकावट?

शुरुआती दिनों में पुलिस बल की कमी और समन्वय के अभाव में अभियान कई बार रुका। इसके बाद सीमित स्तर पर कार्रवाई हुई, लेकिन बड़े अतिक्रमणों पर अब तक बुलडोजर नहीं चल पाया है। हालांकि नियमों के अनुसार वेटलैंड क्षेत्र में 16 मार्च 2022 के बाद बने निर्माणों पर सीधे कार्रवाई संभव है, फिर भी जमीनी स्तर पर इसका पूरा पालन नहीं दिख रहा है।

यह भी पढ़ें-महिला आरक्षण पर कल आक्रोश रैली, विस का एक दिवसीय सत्र होगा; CM बोले-नारी के अपमान को देश नहीं भूलेगा

पर्यावरण पर असर की चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कैचमेंट एरिया से अतिक्रमण पूरी तरह नहीं हटे तो बारिश का पानी बड़े तालाब तक सही तरीके से नहीं पहुंच पाएगा। इससे आने वाले समय में जलस्तर और पर्यावरण दोनों पर असर पड़ सकता है। पर्यावरणविद् राशिद नूर खान का कहना है कि पूरी रिपोर्ट पहले ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को सौंपी जा चुकी है, लेकिन उसके आधार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *