ग्वालियर में 31.76 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी मामले में आरोपी को जमानत नहीं मिली। अदालत ने इसे गंभीर आर्थिक अपराध मानते हुए जांच प्रभावित होने की आशंका …और पढ़ें

HighLights
- 31.76 करोड़ की टैक्स चोरी मामले में आरोपी को राहत नहीं
- अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर सख्त रुख अपनाया
- बिना पंजीकरण मशीनों से उत्पादन कर टैक्स चोरी का आरोप
नईदुनिया प्रतिनिधि। ग्वालियर में पान मसाला और गुटखा निर्माण से जुड़े एक बड़े टैक्स चोरी मामले में आरोपी को अदालत से राहत नहीं मिली है। करीब 31.76 करोड़ रुपये की कर चोरी के आरोप में घिरे कारोबारी की पहली जमानत अर्जी खारिज कर दी गई।
अदालत ने मामले को गंभीर आर्थिक अपराध मानते हुए साफ किया कि इतने बड़े पैमाने पर राजस्व हानि के मामलों में सख्ती जरूरी है। इस प्रकरण ने शहर में अवैध कारोबार और टैक्स चोरी के नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं जांच एजेंसियां भी मामले की गहराई से पड़ताल में जुटी हैं।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, आनंद नगर निवासी आरोपी रामू गुप्ता ने अपनी फर्म के माध्यम से पान मसाला और गुटखा का निर्माण व पैकेजिंग कर बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की। यह मामला स्टेट जीएसटी विभाग द्वारा दर्ज किया गया है, जिसमें करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान का आरोप है।
अदालत ने क्यों खारिज की जमानत
अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि आरोपी रामू गुप्ता ने बिना वैध पंजीकरण और अनुमति के मशीनों का उपयोग कर उत्पादन किया और जानबूझकर कर चोरी की। अदालत ने इसे गंभीर आर्थिक अपराध मानते हुए कहा कि आरोपी को जमानत देने से साक्ष्यों से छेड़छाड़ और जांच प्रभावित होने की आशंका है।
जांच में सामने आए अहम तथ्य
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी रामू गुप्ता की संलिप्तता उसके बयानों से स्पष्ट होती है। साथ ही, इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। विभाग ने बताया कि जांच अभी जारी है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
आर्थिक अपराध पर सख्त रुख
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इतनी बड़ी राशि की टैक्स चोरी से सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ है, जिसका व्यापक सामाजिक प्रभाव पड़ता है। ऐसे मामलों में सख्ती बरतना जरूरी है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
