मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस निर्णय ने लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा को समाप्त किया है। सीएम ने स्पष्ट कहा कि यदि कांग्रेस इस बिल का विरोध करती है, तो इससे जनता के बीच गलत संदेश जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि लोकतंत्र को नई मजबूती देने वाला निर्णय है। उन्होंने बताया कि अब तक देश 1971 की जनगणना के आधार पर बने परिसीमन पर चल रहा था, लेकिन नए परिसीमन से लोकतांत्रिक व्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी। इस कानून से महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक भागीदारी का अवसर मिलेगा।
ये भी पढ़ें- MP: एक के बाद एक खुलासे से दहला भोपाल, मासूमों के साथ कई बार दुष्कर्म, फिर धर्म परिवर्तन का दबाव; तीन गिरफ्तार
कांग्रेस पर हमला करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि पार्टी की कथनी और करनी में अंतर साफ नजर आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस एक ओर महिला आरक्षण की बात करती है, लेकिन दूसरी ओर इस तरह के महत्वपूर्ण बिल पर सवाल उठाती है। उनके मुताबिक, ऐसे मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय खुलकर सदन में अपनी बात रखनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब महिलाओं को अधिकार देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, तब विपक्ष का रवैया निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और समझ रही है कि कौन महिलाओं के हित में काम कर रहा है और कौन नहीं।
ये भी पढ़ें- Bhopal News: बैरसिया में सनसनीखेज वारदात, किराना व्यापारी की दिनदहाड़े हत्या, सीने के आर-पार हुई गोली
डॉ. मोहन यादव ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार और भारतीय जनता पार्टी महिला सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के फैसले केवल राजनीति के लिए नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से लिए जाते हैं। उनके अनुसार, यह कानून महिलाओं के सम्मान और उनकी भागीदारी को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण अध्याय है।