मध्यप्रदेश सरकार वर्ष 2026 की नई तबादला नीति लागू करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के संकेतों के बाद सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) नीति का ड्राफ्ट तैयार करने में जुट गया है, जिसे अप्रैल के अंत तक कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है। सरकार हर साल की तरह इस बार भी तबादलों पर लगी रोक को सीमित अवधि के लिए हटाएगी। प्रस्ताव के अनुसार, करीब एक महीने की विंडो खोली जाएगी, जिसमें विभिन्न विभागों में कर्मचारियों के तबादले किए जा सकेंगे। हालांकि, अनियंत्रित तबादलों पर रोक लगाने के लिए एक सीमा तय की गई है-किसी भी विभाग में कुल तबादले उसके कैडर के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होंगे। 


Trending Videos

ये भी पढ़ें- एमपी की राजनीति में बड़ा बदलाव: 345 विधानसभा सीटें और 43 लोकसभा सीटें, 33% महिला आरक्षण से बदलेगा पूरा समीकरण

इस बार की नीति में एक बड़ा बदलाव प्रभारी मंत्रियों की भूमिका को लेकर देखने को मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार, मंत्रियों को अपने जिलों में तबादलों पर पहले जैसे अधिकार दिए जा सकते हैं। यानी उनकी स्वीकृति के बिना सूची को अंतिम रूप नहीं दिया जाएगा। इससे जिला स्तर पर राजनीतिक और प्रशासनिक समन्वय बढ़ने की संभावना है। वहीं, स्थानीय स्तर पर कलेक्टर की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के तबादले पहले कलेक्टर स्तर पर प्रस्तावित होंगे, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 

ये भी पढ़ें- MP Board 12th Toppers Interview: एमपी बोर्ड में टॉप करने वाली छात्राओं ने बताया अपनी सफलता का राज

पिछले साल अपेक्षाकृत कम तबादले होने के कारण इस बार कर्मचारियों में उम्मीदें बढ़ी हैं। लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों को नई नीति से राहत मिलने की संभावना है। बैठकों में जनप्रतिनिधियों ने भी तबादला प्रतिबंध हटाने की मांग रखी थी, जिससे साफ है कि इस बार प्रक्रिया ज्यादा सक्रिय रहने वाली है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद मई की शुरुआत से तबादलों का दौर शुरू होने के आसार हैं।

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *