मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की दिशा में उठाए गए कदमों को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि 16 से 18 अप्रैल तक प्रस्तावित संसद का विशेष सत्र महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देगा और यह देश के लिए मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में नारी शक्ति को लगातार सशक्त किया जा रहा है। आज महिलाएं उद्योग-व्यवसाय, पर्यटन, होम-स्टे संचालन से लेकर स्थानीय निकायों में मेयर और सरपंच जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। मध्यप्रदेश में भी महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
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भाजपा ने भी शुरू की तैयारी
उधर, महिला आरक्षण संशोधन विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर भाजपा ने प्रदेश में व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी ने संभावित फैसले को देखते हुए राज्य स्तर पर रणनीति बनाई है और बिल पारित होने के बाद बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने की योजना तैयार की है।
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33% आरक्षण से बढ़ेगी भागीदारी
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित संशोधन के तहत लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। इसके लागू होने के बाद 2028 के विधानसभा चुनाव में महिलाओं की भागीदारी में बड़ा इजाफा हो सकता है। अनुमान है कि विधानसभा की सीटें 230 से बढ़कर 345 तक हो सकती हैं, जिनमें लगभग 114 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। वहीं लोकसभा की सीटें 29 से बढ़कर 43 होने की संभावना है, जिनमें करीब 14 सीटों पर महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सकता है।
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धन्यवाद सभाएं और महिला सम्मेलन
भाजपा नेतृत्व ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि बिल पास होने के बाद सभी जिलों और मंडलों में धन्यवाद सभाएं, महिला सम्मेलन और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएं। इन आयोजनों के जरिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया जाएगा और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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महिला मोर्चा संभालेगा अभियान
इस अभियान की जिम्मेदारी भाजपा महिला मोर्चा को सौंपी गई है। महिला कार्यकर्ता घर-घर जाकर महिलाओं से संपर्क करेंगी और उन्हें इस आरक्षण के महत्व के बारे में बताएंगी। पार्टी का लक्ष्य है कि महिलाओं तक यह संदेश स्पष्ट रूप से पहुंचे कि अब उन्हें राजनीति में अधिक अवसर और प्रतिनिधित्व मिलेगा।
