उज्जैन जिले के नागदा में कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे राजपाल सिंह निवासी गांव रत्न्खेयाड़ी में गुरुवार को सरेंडर कर दिया। पुलिस के सामने पेश होने से पहले उसने मीडिया से खुलकर बात की और खरगोन के एक व्यापारी पर फायरिंग करवाने की पूरी बात भी कबूल की।
नागदा के रत्न्याखेड़ी गांव मे दोपहर राजपाल ने सरेंडर किया। सरेंडर से पहले घर के बाहर खड़े होकर उसने कहा कि पहले मेरे साथियों ने हमला करने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हुए। इसके बाद हैरी बॉक्सर नाम के साथी के जरिए इस वारदात को अंजाम दिया। याद रहे कि राजपाल का नाम पंजाब के मोहाली स्थित पुलिस खुफिया विभाग मुख्यालय पर हुए रॉकेट लॉन्चर हमले में भी आ चुका है। एनआईए ने पहले राजपाल और उसके साथी योगेश भाटी को दीपक रंगा को पनाह देने के मामले में हिरासत में लेकर पूछताछ भी की थी।
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पुलिस कर रही थी घर वालों को परेशान इसीलिए किया सरेंडर
राजपाल ने पुलिस पर अपने परिवार को परेशान करने का आरोप लगाया। उसने कहा कि देशभर की सुरक्षा एजेंसियां और कई राज्यों की पुलिस पहले भी उससे पूछताछ कर चुकी है। इसी वजह से वह सरेंडर करने को मजबूर हुआ। सरेंडर से पहले राजपाल ने चेतावनी दी कि जो भी गलत काम करेगा, लॉरेंस गैंग के लोग उसे नहीं छोड़ेंगे। हम प्रशासन की मदद करते रहे हैं और आगे भी करेंगे। प्रशासन भी हमारी मदद करता है।
बच्चियों पर गलत नजर रखता था और किसानों के साथ किया अत्याचार
राजपाल ने इस दौरान यह दावा भी किया कि उसने 16 मार्च को खरगोन के बीलगांव में दिलीप सिंह राठौड़ के घर पर नकाबपोश बदमाशों के साथ बाइक से गोलियां चलाई थीं। सीसीटीवी में पूरी घटना कैद हुई थी। लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने खुद इसकी जिम्मेदारी ली थी। परिवार को इंटरनेशनल नंबरों से धमकियां मिलीं और 10 करोड़ की फिरौती मांगी गई। फायरिंग का वीडियो सबूत के तौर पर भेजा गया था। राजपाल ने यह भी बताया कि जिस व्यापारी दिलीप सिंह राठौड़ के घर गोली चलवाई गई, वह छोटी बच्चियों पर गलत नजर रखता था और किसानों के साथ अत्याचार करता था। इसी वजह से उसे सबक सिखाने के लिए यह वारदात कराई गई।
