बाढ़ राहत घोटाले में गिरफ्तार होकर पिछले पांच दिनों से शिवपुरी जेल में बंद तहसीलदार अमिता सिंह तोमर पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। चंबल कमिश्नर सुरेश कुमार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा की रिपोर्ट के आधार पर की गई है।

दरअसल बड़ौदा तहसील में बाढ़ राहत राशि वितरण के दौरान करीब ढाई करोड़ रुपए के घोटाले का मामला सामने आया था। अमिता सिंह तोमर पर फर्जीवाड़ा कर अपात्र लोगों को मुआवजा बांटने के गंभीर आरोप हैं। इस मामले में उनके खिलाफ पुलिस केस दर्ज है और जांच जारी है।

26 मार्च को बड़ौदा बाढ़ राहत घोटाले में बड़ा एक्शन लेते हुए श्योपुर की बड़ौदा पुलिस ने अमिता सिंह तोमर को ग्वालियर स्थित उनके निवास से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में शिवपुरी जेल भेज दिया गया, जहां वे पिछले पांच दिनों से बंद हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को निर्धारित है।

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गौरतलब है कि अमिता सिंह तोमर श्योपुर जिले के विजयपुर में तहसीलदार के पद पर पदस्थ थीं। गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही कलेक्टर अर्पित वर्मा ने उन्हें पद से हटा दिया था, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया।

निलंबन के दौरान उन्हें नियमानुसार गुजारा भत्ता मिलेगा और उनका मुख्यालय भी निर्धारित किया जाएगा, जहां उन्हें अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही उनके खिलाफ आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।

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यह मामला इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि अमिता सिंह तोमर लोकप्रिय टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति में 50 लाख रुपए जीत चुकी हैं। एक समय अपनी उपलब्धि के लिए चर्चित रहीं अधिकारी का नाम अब गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों में सामने आने से पूरे प्रदेश में हलचल मच गई है।

प्रशासनिक गलियारों में भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हैं, जहां बड़े पद पर बैठी अधिकारी के खिलाफ हुई इस कार्रवाई को सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

 



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