ग्वालियर में गैस सिलिंडर संकट के कारण चैत्र नवरात्र भंडारों की संख्या घट गई है। बड़े आयोजनों की जगह छोटे भंडारे हो रहे हैं और वैकल्पिक ईंधन अपनाया जा …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 27 Mar 2026 07:54:49 AM (IST)Updated Date: Fri, 27 Mar 2026 07:54:49 AM (IST)

ग्वालियर में नवमी पर 50 प्रतिशत घटे माता के भंडारे, आयोजक बोले- रसोई गैस सिलिंडर नहीं मिल रहे
भंडारों पर रसोई गैस का संकट है। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. गैस संकट से नवरात्र भंडारों की संख्या में भारी कमी
  2. बड़े भंडारों की जगह अब छोटे आयोजन किए जा रहे
  3. श्रद्धालु सिलिंडर न मिलने से परेशान, विकल्प तलाश रहे

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। चैत्र नवरात्र की नवमी के अवसर पर शुक्रवार को होने वाले भंडारों पर रसोई गैस का संकट है। घर के लिए गैस सिलिंडर की व्यवस्था करना मुश्किल हो गई है, इधर भंडारे करना टेड़ी खीर साबित हो रही है। चैत्र नवरात्र के समापन पर देवी भक्तों द्वारा नगर के प्रमुख मार्गों व देवी मंदिरों पर भंडारों का आयोजन करने की परंपरा है, लेकिन रसोई गैस संकट से भंडारों की संख्या 50 से 60 प्रतिशत घट गई है। जहां दो से पांच हजार लोगों की भंडारे की व्यवस्था होती थी, वहां 500 से एक हजार लोगों का भंडारा किया जा रहा है। दुर्गा सप्तशती पाठ के समापन पर भंडारे अब 200 से 250 लोगों तक सिमट कर रह गए हैं।

चैत्र नवरात्र पर नगर के प्रमुख मंदिरों के आसपास श्रद्धालुओं द्वारा भंडारों का आयोजन किए जाने की परंपरा है, लेकिन अष्टमी पर सीमित संख्या में भंडारे नजर आए। श्रद्धालुओं का कहना है कि घरों के ईंधन के लिए सिलिंडर मिल नहीं पा रहा है। जिन घरों में सिलिंडर ने जवाब दे दिया है, वे अब कन्या भोज में दही, जलेबी के साथ अन्य विकल्प तलाश रहे हैं। बड़े हलवाइयों ने डीजल भट्टी और परंपरागत लकड़ी से जलने वाले ईंटों की भट्टी की व्यवस्था की जा रही है। इन पर कारीगर काम करने के लिए आसानी से तैयार नहीं हो रहे हैं।

एजेंसियों से आसानी से हो जाती थी व्यवस्था

भंडारों के आयोजन से जुड़े लोगों का कहना है कि मांग के अनुसार गैस एजेंसी संचालक भंडारों के लिए आसानी से सिलिंडर उपलब्ध करा देते थे। कुछ तो भंडारों के लिए गैस सिलिंडर की सेवा करते थे। अब इन लोगों ने पैसा देने पर गैस सिलिंडर देने से हाथ खड़े कर दिए हैं।

कैटर्स संचालक बोले- 200 लोगों के भंडारे हो रहे

दानाओली के बंसल कैटर्स के संचालक गोपाल बंसल ने बताया कि नवरात्र पर गैस किल्लत के कारण 50 प्रतिशत भंडारों की संख्या घटी है। जो भंडारे किए जा रहे हैं, वह भी 200 से 250 लोगों के बीच सिमटकर रह गए हैं। काम करने के लिए गैस की बजाय डीजल भट्टी की व्यवस्था की जा रही है।

वैष्णो देवी मंदिर पर लकड़ी के चूल्हे पर बनेगा भंडारा

झांसी रोड पर स्थित वैष्णो देवी मंदिर के पुजारी महंत लक्ष्मण प्रसाद शर्मा ने बताया कि नवरात्र में मंदिर पर श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जाता है। इसका समापन शुक्रवार को हैं। इसके साथ ही भंडारे का भी आयोजन किया गया है। सिलिंडरों की व्यवस्था करने में बड़ी परेशानी आ रही है। लकड़ी के चूल्हे का उपयोग करने पर विचार किया जा रहा है।



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