इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र में स्थित शिव वाटिका सोसायटी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर शंपा पाठक पांडे की नृशंस हत्या ने न केवल शहर बल्कि पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। एक मामूली विवाद के बाद पिता और पुत्र द्वारा पड़ोसी परिवार पर कार चढ़ा देने और एक महिला को सरेआम कुचलने की इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना को लेकर इंदौर की जनता में जबरदस्त गुस्सा देखा जा रहा है। नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि यदि ऐसे जघन्य मामलों में आरोपियों को कठोरतम दंड नहीं मिला तो समाज में अपराधियों के हौसले और अधिक बुलंद होंगे।
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प्रबुद्ध वर्ग ने जताई गहरी संवेदना और रोष
शहर की जानी-मानी समाजसेविका सारिका गोर्वे ने इस घटनाक्रम पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि बुधवार रात हुई यह वारदात आत्मा को झकझोर देने वाली है। उन्होंने सवाल उठाया कि कोई इंसान इतना बेरहम कैसे हो सकता है कि गलत बात का विरोध करने पर किसी को अपनी जान देकर उसकी कीमत चुकानी पड़े। उन्होंने न्यायिक व्यवस्था से मांग की है कि ऐसे समाज विरोधी तत्वों पर किसी भी प्रकार का रहम न किया जाए और उन्हें फांसी की सजा देकर एक कड़ी मिसाल कायम की जाए।
अपराध के बढ़ते ग्राफ पर चिंता वाजिब
किसान नेता अर्जुन यादव ने इस घटना को सोची-समझी हत्या करार दिया है। उनका मानना है कि स्वच्छता के क्षेत्र में देश भर में चमकने वाले इंदौर पर अपराध का यह काला धब्बा बेहद चिंताजनक है। उन्होंने वीडियो साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा कि पिता-पुत्र की इस जोड़ी में मानवीय संवेदना पूरी तरह समाप्त हो चुकी थी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को ऐसी सजा मिले जिससे भविष्य में कोई भी ऐसा दुस्साहस न कर सके।
शहर की जनता का विश्वास टूटा
गृहिणी कृतिका जोशी ने कहा कि लोग अपनी आवासीय कॉलोनियों को सबसे सुरक्षित स्थान मानते हैं, लेकिन शिव वाटिका में जो हुआ उसने इस विश्वास को तोड़ दिया है। उन्होंने बताया कि जब निवासियों ने बाहरी लोगों के प्रवेश का विरोध किया तो आरोपियों ने जानबूझकर महिला को कार से रौंद दिया। उनके अनुसार यह सीधे तौर पर हत्या का मामला है और इसमें फांसी से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।
धन और ताकत का घमंड चूर करना जरूरी
वहीं व्यापारी प्रवीण शर्मा ने अफसोस जताते हुए कहा कि हमने इंफोसिस की एक होनहार सॉफ्टवेयर इंजीनियर को खो दिया है। उन्होंने इसे पैसा और पावर का घमंड बताते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
