मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को झटका लगा हैं। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने वर्ष 2026-27 के लिए नया बिजली टैरिफ जारी कर दिया है। इस बार बिजली कंपनियों ने 10 से 19 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था, लेकिन आयोग ने केवल 4.80% बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है। आयोग ने कुछ श्रेणियों में बढ़ोतरी नहीं की है। बिजली की नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी। इसमें मौसमी उपभोक्ता (HV-4) और मेट्रो रेल (HV-9) शामिल हैं। बता दें मौसम उपभोक्ता यानी जो गुड़ बनाने या किसी अन्य काम से कुछ समय के लिए भारी लोड के कनेक्शन लेते हैं। इन दोनों पर कोई अतिरिक्त भार नहीं डाला गया है। वहीं, लो टेंशन (LT) उपभोक्ताओं के लिए पहले ही न्यूनतम शुल्क खत्म किया जा चुका था। अब कृषि, पानी सप्लाई और थोक आवासीय उपभोक्ताओं सहित कुछ हाई टेंशन श्रेणियों में भी यह शुल्क समाप्त कर दिया गया है।
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उदाहरण से समझें असर
यदि आप 100 यूनिट बिजली खर्च करते हैं, तो बिल लगभग 569 रुपये से बढ़कर 600 रुपये तक हो सकता है। वहीं, 200 यूनिट पर करीब 80 रुपये ज्यादा और 300 यूनिट पर लगभग 118 रुपये तक अतिरिक्त बिल आएगा। यह बढ़ोतरी दो श्रेझी को छोड़कर घरेलू उपभोक्ताओं, दुकानदारों, व्यावसायिक उपभोक्ताओं, लघु और बड़े उद्योगों के साथ-साथ EV चार्जिंग स्टेशनों पर भी लागू होगी।
हाई टेंशन उपभोक्ताओं के लिए kVA आधारित बिलिंग जारी रहेगी। रात में बिजली उपयोग पर मिलने वाली छूट भी जारी रहेगी। उपभोक्ताओं को मीटरिंग चार्ज नहीं देना होगा।
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स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को 20% छूट मिलेगी
स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को दिन के समय बिजली उपयोग पर 20% छूट मिलेगी। यह छूट सुबह 9 बजे से शाम पांच बजे तक बिजली खपत पर उपभोक्ताओं को दी जाएगी। वहीं, प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए भी प्रोत्साहन योजनाएं जारी रहेंगी। इसके अलावा हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए टैरिफ में राहत और प्रोत्साहन जारी रखा गया है।
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उद्योगों के लिए प्रोत्साहन योजना जारी रहेंगी
ओपन एक्सेस उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त शुल्क में कमी की गई है। उद्योगों के लिए प्रोत्साहन योजनाएं जारी रहेंगी।बिजली कंपनियों के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) फंड बनाया गया है, जिससे तकनीक में सुधार और लागत कम करने में मदद मिलेगी।
