बड़वानी जिले के जुलवानिया में पारंपरिक उत्साह और रंगों के बीच भगोरिया पर्व राजकीय गरिमा के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जनजातीय बंधुओं के बीच हाट परिसर में पहुंचे तो मांदल की गूंज, गुलाल से रंगा माहौल और पारंपरिक वेशभूषा में सजे नर्तक-नर्तकियों की प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उल्लास से भर दिया। मुख्यमंत्री ने कलाकारों के साथ मांदल की थाप पर कदम मिलाकर जनजातीय संस्कृति के प्रति सम्मान व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगोरिया केवल उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ आनंद में झूमने का पर्व है, जहां महिला और पुरुष समान रूप से भागीदारी करते हैं। जनजातीय संस्कृति की विशिष्ट पहचान को संरक्षित करने के लिए राज्य सरकार ने इसे राजकीय पर्व का दर्जा दिया है। उन्होंने निमाड़ क्षेत्र को मां नर्मदा के आशीर्वाद से समृद्ध बताते हुए कहा कि जल प्रबंधन और सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार से सूखे खेतों तक पानी पहुंचा है और किसान अब विविध फसलें, फल और सब्जियां उगा रहे हैं।
सीएम डॉ. यादव भगोरिया उत्सव में शामिल हुए
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मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़वानी में उद्यानिकी फसलों का रकबा अधिक है और इसे मजबूत करने के लिए आधुनिक सब्जी मंडी, कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना की जाएगी। जनजातीय बहुल क्षेत्रों के लिए पानसेमल और वरला माइक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे हजारों हेक्टेयर भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी। खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के रूप में विकसित किया जाएगा। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 25 किसानों को अन्य राज्यों में प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा तथा 50 एकड़ में आदर्श बीज उत्पादन केंद्र स्थापित होगा।
उन्होंने बताया कि किसान कल्याण वर्ष की पहली कृषि कैबिनेट में 27,500 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के निर्णय लिए गए हैं। सोयाबीन पर भावांतर भुगतान के तहत 1,500 करोड़ रुपये दिए गए हैं। लाड़ली बहनों को प्रतिमाह 1,500 रुपये की सहायता और किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों को आर्थिक संबल दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय विकास के लिए पलसूद और ओझर बायपास, एबी रोड से भंवरगढ़ तक संपर्क मार्ग तथा दीवानी से जोगवाड़ा तक सड़क निर्माण की घोषणा की। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही।