इन दिनों मध्य प्रदेश का सियासी माहौल गरमाया हुआ है। भाजपा के भीतर बढ़ती सक्रियता और अलग अलग स्तर पर हो रही मुलाकातों ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को तेज कर दिया है। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसके बाद वे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मिले। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल उनके साथ मौजूद रहे। इस बैठक को राज्य के निगम मंडलों में लंबे अर्से से अटकी पड़ी नियुक्तियों से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री की बैठक के तुरंत बाद प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अमित शाह से अलग मुलाकात ने राजनीतिक सरगर्मियां और बढ़ा दीं। विधानसभा में उनके हालिया बयान पहले ही चर्चा में हैं और कई मुद्दों पर उनका रुख सरकार को परेशान करने वाला नजर आया है। इसके बाद विजयवर्गीय के करीबी और मोहन सरकार के मंत्री प्रहलाद पटेल की अमित शाह से मुलाकात ने सियासी अटकलें और बढ़ा दीं। लगातार हो रही इन बैठकों को सत्ता संतुलन और संगठनात्मक फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा है।

विश्वसनीय सूत्रों ने अमर उजाला को बताया, मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के लिए समय मांगा था। उन्हें शनिवार दोपहर मुलाकात का समय मिला, जिसके बाद दोनों नेताओं ने शुक्रवार शाम दिल्ली आने का कार्यक्रम बनाया। शनिवार सुबह दोनों नेता दोपहर 12 बजे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पहुंचे। तीनों नेताओं की यह मुलाकात करीब आधे घंटे चली। इसके बाद दोनों नेता भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से मिलने पहुंचे, जो बैठक भी लगभग आधा घंटा चली। इस दौरान प्रदेश से राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल होने वाले नेताओं के नामों और एमपी के संगठनात्मक विषयों पर चर्चा हुई है।

इसके बाद दोनों नेता मुख्यमंत्री के दिल्ली स्थित निवास पहुंचे, जहां उनकी राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश के साथ भोजन के दौरान करीब एक घंटे चर्चा हुई। शाम छह बजे मोहन यादव और हेमंत खंडेलवाल दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित भाजपा के विस्तार भवन में संगठन महामंत्री बीएल संतोष से मिलने पहुंचे। यह मुलाकात भी करीब एक घंटे चली। इसके बाद दोनों नेता राजधानी भोपाल के लिए रवाना हो गए। सूत्रों का कहना है, इन बैठकों के दौरान प्रदेश में संगठनात्मक बदलाव और आने वाले समय में संभावित नियुक्तियों पर विस्तार से चर्चा की गई। राजनीतिक नियुक्तियों की सूची इसी हफ्ते घोषित हो सकती है। पहली सूची में आदिवासी और दलित वर्ग के वरिष्ठ नेताओं को मंत्री का दर्जा मिलने की संभावना जताई जा रही है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, केंद्रीय गृह,सहकारिता मंत्री अमित शाह से भेंट कर भोपाल में यूनियन कार्बाइड की भूमि पर गैस काण्ड स्मारक निर्माण के संबंध में मार्गदर्शन प्राप्त किया। उन्हें उज्जैन में विक्रमोत्सव के भव्य आयोजन की जानकारी दी और नक्सल मुक्त होने के बाद बालाघाट में आयोजित बैगा महोत्सव में सादर आमंत्रित किया।

सीएम के बाद गृह मंत्री से मिले विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल

सीएम और प्रदेश अध्यक्ष की मुलाकात के ठीक बाद प्रदेश सरकार में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय गृहमंत्री से मिलने उनके आवास पहुंचे। यह मुलाकात भी करीब आधे घंटे चली। सूत्रों का कहना है,विजयवर्गीय शुक्रवार को इंदौर में एक कार्यक्रम में मौजूद थे। तभी उन्हें गृहमंत्री शाह के कार्यालय से फोन आया। उन्हें शनिवार सुबह दिल्ली आने के लिए कहा गया। इसके बाद वे रात की फ्लाइट से ही दिल्ली रवाना हो गए। शाह से मुलाकात के बाद उन्होंने ने सोशल मीडिया पर लिखा, केंद्रीय गृहमंत्री से मध्य प्रदेश की प्रगति, विभिन्न समसामयिक विषय और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई। इसके पहले भागीरथपुरा कांड के दौरान भी मंत्री विजयवर्गीय को अचानक दिल्ली बुलाया गया था। उस समय उनके विवादित बयान को लेकर मीडिया में बवाल मचा था। इसके बाद उन्हें सलाह दी गई कि वे मीडिया से दूरी बनाकर रखें। तब से वे मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं और केवल महत्वपूर्ण मुद्दों पर ही बयान देते हैं।

विजयवर्गीय के बाद प्रदेश के पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री प्रहलाद पटेल अमित शाह से मिलने उनके आवास पहुंचे। इससे पहले उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मुलाकात की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय रक्षा मंत्री से सौजन्य भेंट हुई। इस अवसर पर दो महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई, निराहार रहकर सतत चौथी नर्मदा करनेवाले पूज्य दादा गुरु का डीआरडीओ द्वारा उनका वैज्ञानिक अध्ययन कराने का आग्रह किया गया एवं स्वराधीश भारत बालवल्ली द्वारा आयोजित बलिदानी वीरनारी कार्यक्रम के संबंध में आग्रह किया गया।



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