बड़वाह-सनावद मार्ग के हिस्से में बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए इंदौर-इच्छापुर फोरलेन हाइवे का काम तेजी से चल रहा है। बड़वाह सेंक्शन में बने नर्मदा पुल के बाएं  कैरिजवे भी बना लिया गया है। अब उस पर ट्रायल रन शुरू किया जाएगा। इसके बाद उसे ट्रैफिक के लिए पूरी तरह खोला जाएगा। इस हिस्से में तैयार हो रहे ब्रिज का काम भी अंतिम दौर में है।

यह परियोजना बलवाड़ा से धनगांव तक के सेक्शन में बनाई गई है, जिसमें 1,275 मीटर लंबा और 30 स्पान वाला नर्मदा पुल शामिल है। इस पुल के बाएं हिस्से के नए एलाइनमेंट पर ट्रायल के तौर पर यातायात संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य बड़वाह-सनावद क्षेत्र में मौजूदा मार्ग पर ट्रैफिक के दबाव को कम करना है। वर्तमान में इस मार्ग पर वाहनों का दबाव इतना अधिक रहता है कि कई बार ट्रैफिक जाम लगता है।

 

ट्रायल अवधि के दौरान धनगांव से उमरिया तक नर्मदा पुल के माध्यम से यातायात को केवल एक दिशा में, यानी बाएं कैरिजवे से गुजारा जाएगा। यह एक नियंत्रित व्यवस्था होगी जिसके माध्यम से यह परखा जाएगा कि यह नया मार्ग यातायात को कितनी प्रभावी ढंग से संभाल सकता है।

ट्रायल रन पूरा होने के बाद यातायात की स्थिति का अध्ययन किया जाएगा और उसी के आधार पर व्यवस्थाओं के बारे में निर्णय लिया जाएगा। इंदौर से आने वाले सभी वाहन पहले की तरह ही मौजूदा मार्ग से ओंकारेश्वर की ओर जाएंगे।ट्रायल अवधि के दौरान सभी चालकों से 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की नियंत्रित गति सीमा का पालन करने और सावधानी से वाहन चलाने की अपील की गई है।

 

इस पूरी परियोजना को जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना के पूर्ण होने से न केवल बड़वाह-सनावद खंड पर यातायात का बोझ कम होगा, बल्कि यह क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई गति प्रदान करेगा।

 



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