लोक निर्माण विभाग द्वारा शहर में तैयार की जाने वाली दो प्रमुख सड़कें,दुर्गादास राठौर चौक से सागरताल चौराहा और शिंदे की छावनी रोड,खोदाई और विभागीय प्रक …और पढ़ें

HighLights
- सागरताल रोड सीवर खोदाई के कारण अटकी
- शिंदे की छावनी रोड का कार्यादेश जारी नहीं हुआ
- दोनों सड़कों के लिए फिर से टेंडर प्रक्रिया शुरू
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। लोक निर्माण विभाग द्वारा शहर में तैयार की जाने वाली दो प्रमुख सड़कें,दुर्गादास राठौर चौक से सागरताल चौराहा और शिंदे की छावनी रोड,खोदाई और विभागीय प्रक्रिया में उलझकर रह गई हैं। दोनों सड़कों के लिए पहली टेंडर प्रक्रिया में ठेकेदार फर्में आईं और रेट भी पीडब्ल्यूडी के नियमों के मुताबिक थे, लेकिन बाद में फर्मों ने निर्माण से इन्कार कर दिया।
क्या है मामला
दुर्गादास राठौर चौक से सागरताल चौराहा होते हुए बहोड़ापुर तक 5.275 किमी लंबी डामर रोड का निर्माण लगभग 12.48 करोड़ रुपये की लागत से किया जाना था। पीडब्ल्यूडी ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर एमके डेवलपर्स कंपनी को ठेका दे दिया था। निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही नगर निगम ने बड़ी सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़क को पूरी तरह खोद दिया।
गहराई तक खोदाई होने के बाद भराव और काम्पैक्शन की समस्या सामने आई। ठेकेदार ने पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखकर कार्य करने में असमर्थता जता दी। कंपनी का कहना था कि टेंडर के समय केवल पहली परत हटाकर सड़क तैयार की जानी थी, लेकिन अब अतिरिक्त काम बढ़ गया है।
दूसरी ओर, करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली शिंदे की छावनी रोड का टेंडर स्वीकृत कर कार्यादेश जारी करने के लिए भोपाल भेजा गया था। चार माह तक मुख्यालय से पत्र जारी नहीं होने के कारण ठेकेदार ने निर्माण कार्य शुरू करने से इन्कार कर दिया। अब दोनों सड़कों के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया की जाएगी।
पहले भी सामने आई थी ऐसी समस्या
पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर सीवर लाइन को लेकर समस्या नई नहीं है। इससे पहले नाका चंद्रवदनी से विक्की फैक्ट्री तक सड़क निर्माण के दौरान भी पानी और सीवर लाइन के लिए गहराई से खोदाई की गई थी। काम्पैक्शन को लेकर विवाद की स्थिति बनी रही और निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो पाया है।
अधिकारियों का क्या कहना
“सागरताल रोड पर सीवर लाइन के लिए खोदाई होने के कारण ठेकेदार ने काम करने से मना कर दिया। वहीं शिंदे की छावनी रोड के कार्यादेश में देरी के बाद कंपनी ने काम शुरू करने पर सहमति नहीं जताई। ऐसे में दोनों ही सड़कों के दोबारा टेंडर किए जा रहे हैं।- देवेंद्र सिंह भदौरिया, कार्यपालन यंत्री, पीडब्ल्यूडी
