भोपाल थाना कमला नगर इलाके में हथियारों की अवैध फैक्ट्री पकड़ाई है। पुलिस ने यहां पर छापेमारी कर 75 छुरी और 4 तलवारें जब्त की हैं। यहां से दो सगे भाइयों को गिरफ्तार भी किया गया है। करीब डेढ़ साल पहले भी एक भाई अवैध हथियार बनाने और रखने क आरोप में गिरफ्तार हो चुका है।
कमला नगर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दुर्गेश विश्वकर्मा और चंदन विश्वकर्मा बापू नगर में रहते हैं। दोनों छुरी-चाकू बनाने का काम करते हैं, लेकिन कुछ समय पहले पुलिस की सख्ती के चलते दोनों आरोपियों ने काम बंद कर दिया था। आरोपी चंदन का पुराना आपराधिक रिकार्ड भी रहा है। वह करीब डेढ़ साल पहले अवैध हथियार रखने के के मामले में गिरफ्तार हुआ था। पिछले कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि चंदन एक बार फिर से अवैध हथियारों का कारोबार करने लगा है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मंगलवार को आरोपियों के ठिकाने पर दबिश दी। यहां एक बंद कमरे को खुलवाकर चेक किया तो बड़ी संख्या में हथियार मिले। आरोपियों ने बताया कि हथियारों को बेचने के लिए तैयार किया था। पुलिस की सख्ती के चलते बाहर नहीं ले जा सके। लिहाजा तैयार हथियारों कारखाने वाले कमरे में ही बंद रखा। पुलिस ने हथियारों की तस्करी के आरोप में दुर्गेश विश्वकर्मा और चंदन विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया था। तब भी इनके ठिकाने से बड़ी मात्रा में हथियार मिले थे। इसके बाद से ही आरोपियों का काम बंद था। पिछले कुछ समय से लगातार पुलिस को आरोपियों द्वारा दोबारा कारखाने में अवैध हथियार बनाने की जानकारी मिल रही थी। तब पुलिस ने चार टीमें आरोपियों की निगरानी में लगा रखी थीं। पुख्ता सूचना मिलते ही घर में बने कारखाने में दबिश देकर आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।
ये भी पढ़ें- विस की 70 वीं वर्षगांठ पर प्रदर्शनी, मध्य प्रदेश के गठन से पहली कैबिनेट तक के दुर्लभ चित्र लगाए
गुमराह करने दरवाजे पर बाहर से लगा दिया ताला
बुधवार को पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी ऑर्डर पर हथियार खपाने का काम करते थे। हर साइज में उनके द्वारा हथियारों को तैयार किया जाता था। तलवारों को अलग-अलग डिजाइन में तैयार करते थे। दोनों भाई ने घर के एक कमरे में कारखाना बना रखा था। यहां से बड़े पैमाने पर हथियारों का निर्माण करने के बाद बेचने का काम किया जाता था। लंबे समय से पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई के प्रयास कर रही थी। जिसकी भनक लगते ही आरोपियों ने कारखाने में ताला लगा दिया था।
