सुप्रीम कोर्ट द्वारा 22 जनवरी को दिए गए आदेश के बाद इंदौर हाईकोर्ट ने चीफ जस्टिस से पूछा था कि इसकी सुनवाई हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश करेंगे या वरिष्ठतम न्यायधीश करेंगे। अब इस मामले की सुनवाई 18 फरवरी को जबलपुर हाईकोर्ट में होगी। इसकी जानकारी केस से जुड़े पक्षकारों को दे दी गई है।

अब भोजशाला धार मामले की सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सर्राफ के समक्ष होगी। याचिका का क्रम 60 वां रखा गया है।याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने बताया कि दो दिन पहले हम इंदौर हाईकोर्ट में पेश हुए थे, लेकिन वकीलों का कोरम पूरा नहीं होने के कारण सुनवाई टल गई थी।

 

आपको बता दें कि भोजशाला परिसर का कोर्ट के निर्देश पर तीन माह तक सर्वे हुआ था। परिसर में कई जगह खुदाई कर अवशेषों को निकाला गया था। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण लिफाफा बंद रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर चुका है।

हिंदू पक्ष भोजशाला को माता वाग्देवी यानी सरस्वती का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे 11वीं सदी की कमाल मौला मस्जिद बताता है। यह विवादित परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संरक्षण में है। भोजशला में शुक्रवार को मुस्लिम समाज को नमाज पढ़ने की अनुमति है और हर मंगलवार को हिन्दू समाज को पूजा करने की अनुमति है।

 

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *