इंदौर में 31 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर रूट में 100 फीट का हिस्सा कान्ह नदी के नीचे से गुजरेगा। पूरे रूट में यही एक हिस्सा होगा, जहां मेट्रो ट्रेन नदी के 50 फीट नीचे से गुजरेगी। इसके लिए काम भी शुरू हो चुका है। शहर के शिवाजी मार्केट मल्टीलेवल पार्किंग के पीछे इसकी खुदाई की जा रही है। इस कार्य के लिए मल्टीलेवल पार्किंग के कुछ हिस्से को तोड़ा गया है। इसी भाग से मेट्रो ट्रेन पार होकर राजवाड़ा की तरफ जाएगी। पहले राजवाड़ा पर एक स्टेशन बनना था, लेकिन पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन की आपत्ति के बाद अब मेट्रो स्टेशन सदर बाजार क्षेत्र में बनाया जा रहा है।
नदी के नीचे मेट्रो रूट रामबाग ब्रिज से फुट ओवर ब्रिज के बीच से होकर राजवाड़ा क्षेत्र की तरफ जाएगा। एयरपोर्ट वाले हिस्से में भी मेट्रो कंपनी काम शुरू कर सकती है। फिलहाल अफसरों का फोकस 17 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर पर है। इस हिस्से में ट्रायल रन हो चुका है और मेट्रो का संचालन अगले माह तक शुरू होने की संभावना है। बंगाली चौराहा से राजवाड़ा तक के रूट को लेकर जनप्रतिनिधियों के बीच भी सहमति बन गई है।
कान्ह नदी के अलावा एयरपोर्ट के समीप भी मेट्रो रूट के लिए अंडरग्राउंड टनल बनेगी। इससे एयरपोर्ट के यात्रियों को सफर के लिए परिसर से बाहर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एयरपोर्ट परिसर से 200 मीटर दूर मेट्रो स्टेशन बनेगा और अंडरग्राउंड टनल के जरिए यात्री स्टेशन तक जा सकेंगे। मेट्रो स्टेशन बिजासन मंदिर जाने वाली सड़क के करीब बनेगा। एयरपोर्ट के आगमन और निर्गम गेट के सामने वाले हिस्से में एस्केलेटर लगाए जाएंगे, जो यात्रियों को सीधे मेट्रो स्टेशन की टनल तक पहुंचाएंगे। इसका काम भी शुरू हो चुका है।
29 स्टेशनों का निर्माण जारी
पहले चरण में 31 किलोमीटर तक के रूट का निर्माण होगा। कुल 29 स्टेशन बनाए जा रहे है।, जिसमें एक सामान्य स्टेशन के निर्माण पर लगभग 58 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन 29 स्टेशनों में आठ अंडरग्राउंड स्टेशन भी शामिल हैं, जिनके निर्माण की लागत 150 करोड़ रुपये से ज्यादा होगी। गांधी नगर डिपो से रेडिसन चौराहे तक मेट्रो का रूट तैयार हो चुका है।
