गैस कटर से सरिए काटकर बाहर निकाला
घटनास्थल नानाखेड़ा थाना क्षेत्र में आता है, लेकिन सूचना मिलने पर नीलगंगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने गैस कटर की मदद से सरियों को काटकर अशोक को बाहर निकाला। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नीलगंगा थाना प्रभारी तरुण कुरिल ने बताया कि ब्रिज निर्माण के दौरान एक मजदूर सरियों में फंस गया था। उसे बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई। मामले की जांच की जा रही है।
घटना को जिसने देखा रह गए दंग
बताया जाता है कि बड़ी मशक्कत के बाद मजदूर अशोक को ब्रिज से नीचे उतारा गया। वह सरिए में फस गया था जिसे क्रेन की सहायता से नीचे उतारा गया है। मजदूर के ब्रिज पर सरिया में फंसने की जानकारी लगते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पहुंच गए थे। मजदूर गंभीर अवस्था में मजदूर में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी मौत हो गई है।
यहां हुई घटना
सिंहस्थ को लेकर इन दिनों इंदौर उज्जैन सिक्स लाइन का निर्माण कार्य जारी है, जिसको लेकर शांति पहले चौराहे पर भी ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। आज सुबह ब्रिज पर सेंटिंग का कार्य किया जा रहा था तभी झारखंड में रहने वाले मजदूर अशोक की सरिया इसमें दब गया। जिसे बड़ी मशक्कत के बाद ब्रिज से निकाला गया। एसडीएम पवन बारिया ने बताया कि दोपहर को इस घटना की जानकारी लगी थी, जिसके बाद अशोक को तुरंत उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया था, लेकिन यहां उसकी मौत हो गई।
झारखंड से काम करने आए हैं 15 मजदूर
इस परियोजना में झारखंड से आए लगभग 15 मजदूर काम कर रहे हैं। इंदौर-उज्जैन सिक्सलेन हाईवे परियोजना सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत विकसित की जा रही है। 1619 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत वाली यह सड़क इंदौर के अरबिंदो अस्पताल से उज्जैन के हरिफाटक ब्रिज तक बनाई जा रही है। इस परियोजना में तीन फ्लाईओवर, छह अंडरपास और ग्रामीण कनेक्टिविटी के लिए आठ जंक्शन शामिल हैं। इसका उद्देश्य सिंहस्थ 2028 के दौरान यातायात को सुगम बनाना है। इस सिक्सलेन सडक़ को मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
