राजधानी भोपाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में बड़ी साजिश का आरोप सामने आया है। दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में वर्षों से रह रहे वैध मतदाताओं के नाम कथित तौर पर झूठी आपत्तियों के जरिए वोटर लिस्ट से काट दिए गए। मामला उजागर होने के बाद राजनीति से लेकर प्रशासन तक हलचल मच गई है।मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अमित शर्मा ने शनिवार को प्रेस वार्ता कर उन मतदाताओं को मीडिया के सामने पेश किया, जिनके वोटर आईडी उसी पते के हैं और जो पिछले विधानसभा चुनाव में मतदान भी कर चुके हैं। इसके बावजूद SIR प्रक्रिया में उनके नाम हटा दिए गए।

शिकायतकर्ता से फोन पर बातचीत

अमित शर्मा ने आरोप लगाया कि नाम काटने की शिकायतें भाजपा के BLA-2 के जरिए कराई गईं। उन्होंने मौके पर शिकायतकर्ता से फोन पर बातचीत की उसने खुद को भाजपा कार्यकर्ता बताया और यह भी स्वीकार किया कि BLA-2 द्वारा दी गई सूची के आधार पर उसने एक ही नाम से आठ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने की आपत्ति दर्ज कराई।

जानबूझकर अल्पसंख्यक वर्ग के नाम काटे

कांग्रेस का आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया सुनियोजित है और जानबूझकर अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है। अमित शर्मा ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि मताधिकार छीनने की कोशिश की जा रही है।

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मतदाताओं ने खोली पोल

1- भीम नगर निवासी साजिया बानो ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली कि उनके नाम हटाने का फॉर्म जमा कर दिया गया है, जबकि उन्होंने ऐसा कोई आवेदन नहीं किया। उन्होंने कहा कि उनका परिवार पीढ़ियों से वहीं रह रहा है और वे लगातार मतदान करते आ रहे हैं।

2- नफीसबी ने बताया कि उनका परिवार दो-तीन पीढ़ियों से भीम नगर में रह रहा है, फिर भी किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके नाम काटने की शिकायत दर्ज करा दी गई। उन्होंने कहा कि न तो उन्होंने कोई फॉर्म भरा और न ही शिकायतकर्ता को जानती हैं।

3- नजरीना ने बताया कि उनके पति का नाम सूची से हटाने की सूचना मिली, जबकि उनका परिवार 30-35 वर्षों से उसी इलाके में रह रहा है और वहीं उनका जन्म हुआ है।

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प्रशासन हरकत में, पारदर्शिता पर सवाल

मामले के उजागर होने के बाद प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि अलग-अलग नामों और मोबाइल नंबरों से झूठी आपत्तियां दर्ज कराई गईं, जिससे SIR की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग से की जाएगी और जरूरत पड़ने पर न्यायालय का रुख भी किया जाएगा। अमित शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि कटे हुए नाम जल्द बहाल नहीं किए गए तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।



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