सड़क सुरक्षा केवल नियमों तक सीमित विषय नहीं, बल्कि हर नागरिक के जीवन से सीधे जुड़ा हुआ मुद्दा है। यह बात नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने भोपाल में आयोजित सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा प्रशिक्षण सह कार्यशाला में कही। उन्होंने कहा कि यदि नागरिक यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करें और दुर्घटना के समय सही तरीके से सहायता करना जानें, तो अनेक बहुमूल्य जीवन बचाए जा सकते हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज में जिम्मेदार नागरिक भावना को मजबूत करते हैं।

दुर्घटनाओं पर लगाम के लिए व्यवहारिक प्रशिक्षण

नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और नागरिकों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से प्राथमिक उपचार, दुर्घटना स्थल पर त्वरित सहायता, आपात सेवाओं से समन्वय और जीवन रक्षा से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों ने व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया।

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हेलमेट-सीट बेल्ट नहीं तो खतरा तय

नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने कहा कि सड़क सुरक्षा में आम नागरिकों की भागीदारी सबसे अहम है। उन्होंने अपील की कि लोग हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें और यातायात नियमों का पालन कर खुद को और दूसरों को सुरक्षित रखें। वहीं पुलिस आयुक्त हरिनारायण चारी मिश्रा ने चिंता जताते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में असामयिक मौतों के अधिकतर मामले 25 से 50 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं से जुड़े होते हैं, जिनका मुख्य कारण हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग न करना है। उन्होंने युवाओं से आधुनिक वाहन तकनीकों का सकारात्मक उपयोग करने का आह्वान किया। कार्यशाला के माध्यम से प्रशासन ने साफ कर दिया कि सड़क सुरक्षा लापरवाही नहीं, जिम्मेदारी का विषय है, और थोड़ी सी सावधानी से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

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