विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने मंच से हुंकार भरते हुए कहा कि महाकाल मंदिर में भारी अव्यवस्था व्याप्त है और कुछ लोग वहां मनमर्जी चला रहे हैं। उन्होंने अपनी पीड़ा सुनाते हुए कहा कि 1 जनवरी को जब वे पदाधिकारियों के साथ दर्शन करने पहुंचे, तो उनसे कह दिया गया कि चांदी द्वार बंद है, आप बाहर से ही दर्शन कर लें। विधायक ने सवाल उठाया कि यह अभय विश्वकर्मा कौन है, जो अपने साथियों के साथ जल द्वार से दर्शन कर रहा था? उन्होंने महापौर मुकेश टटवाल का समर्थन करते हुए कहा कि गरीबों की गुमटियां हटाने के नाम पर उन्हें तोड़ना गलत है। साथ ही उन्होंने शहर के पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि हैंडपंप के पानी से लोग गंजे हो रहे हैं। विधायक ने कड़े शब्दों में कहा कि वे 27 हजार 500 वोटों से जीतकर आए हैं और जनता के प्रति जवाबदेह हैं।
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विधायक का भाषण समाप्त होते ही माहौल तब और गरमा गया जब नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल माइक पर आए। उन्होंने विधायक को आईना दिखाते हुए कहा कि आप 27 हजार 500 वोटों से पार्टी के बैनर तले जीते हो। इस तरह सार्वजनिक रूप से वीडियो और फोटो बनवाने के लिए बयान देना उचित नहीं है। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि सिंहस्थ में करोड़ों लोग आएंगे, इसलिए विकास के लिए चौड़ीकरण जरूरी है और गुमटियां तो हटेंगी ही।
राज्यसभा सांसद उमेश नाथ ने भी अपनी बेबसी जाहिर करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सांसद बनने के बाद उन्हें लगा था कि अधिकारी उनकी बात सुनेंगे लेकिन बोरिंग के लिए 6 लाख रुपये आवंटित करने के बावजूद आज तक काम नहीं हुआ। इस दौरान उन्होंने मंच पर आपस में चर्चा कर रहे विधायक कालूहेड़ा और जलकार्य समिति प्रभारी प्रकाश शर्मा को टोकते हुए कहा कि प्रकाशजी आप ध्यान दें, यह मामला आपके विभाग का है।
