यह होंगे आयोजन
दरअसल 14 से 18 जनवरी तक होने वाले इस पांच दिवसीय आयोजन में शिव तत्व की अनुभूति दर्शन कला और जन उत्सव का समन्वय देखने को मिलेगा। राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। अंतर्राष्ट्रीय विचारक, संत और आध्यात्मिक गुरु अपने विचार व्यक्त करेंगे। लोक कला, बैंड, बहुरूपिए, प्रदर्शनी और पतंग उत्सव जैसे आयोजन देखने को मिलेंगे। भव्य शिव बारात निकलेगी। इस आयोजन में उज्जैन के विभिन्न ऐतिहासिक एवं पौराणिक स्थानों जैसे कालभैरव मंदिर, चिंतामन गणेश, गढ़कालिका और भर्तहरि गुफा को केंद्रित किया जाएगा।
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इसीलिए हो रहा आयोजन
वीर भारत न्यास के सचिव श्री राम तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विचार था कि महाकालेश्वर सृष्टि के रचयिता है। उन्होंने यहां निवास किया। भगवान के प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन हो। यह पहला वर्ष है। इस आयोजन में महाकाल मंदिर न्यास, वीर भारत न्यास, त्रिवेणी न्यास सहित स्थानीय संस्था शामिल होगी। शहर भर में इस आयोजन का उत्सव हो ऐसा करेंगे।
