धार्मिक नगरी उज्जैन में पहली बार मानवजाति के सर्वांगीण कल्याण, आने वाले संकटों पर विजय तथा विश्वशांति की स्थापना के उद्देश्य से सोमवार 5 जनवरी 2026 को श्री भस्मलिंगार्चन समारोह का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन गुरु माउली के मार्गदर्शन में तथा सेवेकरी परिवार की सहभागिता से संपन्न होगा। हिंदू धर्म परंपरा में अवंतिका (उज्जैन) नगरी को मोक्षपुरी, ज्योतिर्लिंग क्षेत्र एवं महाकुंभ की पावन भूमि के रूप में विशेष स्थान प्राप्त है। काल पर विजय प्राप्त करने वाले, अकाल मृत्यु एवं भय का निवारण करने वाले दक्षिणाभिमुख एकमात्र ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर में होने वाला भस्मलिंगार्चन अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इसीलिए उज्जैन मे भस्मलिंगार्चन, नैवेद्य आरती एवं प्रसाद वितरण जैसे कार्यक्रम संपन्न होंगे। इस अवसर पर देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं सेवेकरी उपस्थित रहेंगे।

कल होगा यह आयोजन

रविवार दिनांक 4 जनवरी 2026 को श्रीक्षेत्र उज्जैन में श्री मंगल ग्रह विशेष अनुष्ठान का आयोजन भी किया जाएगा, जो मंगल दोष निवारण एवं व्यक्तिगत उन्नति के लिए विशेष लाभकारी माना जा रहा है।

विशेष है यह अनुष्ठान

उज्जैन में भस्म लिंगार्चन समारोह, महाकालेश्वर मंदिर में होने वाली एक खास अनुष्ठान है, जो मुख्य रूप से 5 जनवरी 2026 को अखिल भारतीय श्री स्वामी समर्थ गुरुपीठ द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसमें भस्म से भगवान शिव का शृंगार और पूजन होगा। यह एक आध्यात्मिक आयोजन है, जिसमें भाग लेने के लिए विशेष पास की आवश्यकता होती है और यह भक्तों के लिए एक अनोखा अनुभव है। खासकर साल की पहली भस्म आरती के साथ जुड़ा होने से इसका महत्व बढ़ गया है।

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ऐसे होगा आयोजन

यह आयोजन 5 जनवरी 2026 (सोमवार) सुबह 8:00 बजे से 10:30 बजे तक पंचायती आखाड़ा श्री निरंजनी, बडनगर रोड, उज्जैन पर अखिल भारतीय श्री स्वामी समर्थ गुरुपीठ, त्र्यंबकेश्वर में आयोजित किया गया है। यह भस्म लिंगार्चन (भस्म से शिवलिंग का ‘शृंगार) का एक बड़ा समारोह है, जो भक्तों के लिए आध्यात्मिक शांति और महादेव के आशीर्वाद का माध्यम है।



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