मध्य प्रदेश के सतना जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के भाई को 46 किलोग्राम अवैध गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अनिल बागरी अपने साथी के साथ महाराष्ट्र नंबर की कार से गांजे की भारी खेप लेकर खपाने जा रहा था। एसपी की टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ लिया गिरफ्तारी के बाद अदालत ने दोनों को सेंट्रल जेल भेजने के आदेश दिए।

मामले में एएसपी प्रेम लाल कुर्वे ने बताया कि हमें सूचना मिली कि रामपुर बघेलान थाने की पुलिस को भरोहा निवासी पंकज सिंह बघेल पुत्र सतेंद्र प्रताप सिंह बघेल की तलाशी के दौरान उसके घर के सामने टीन शेड के नीचे धान की बोरियों के नीचे छिपाकर रखे गए 4 बोरे गांजे मिले। प्रत्येक बोरे में 12 पैकेट थे। इसका कुल वजन 46.134 किलोग्राम था, जिसका बाजार मूल्य 9,22,680 रुपये है। पंकज सिंह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि यह प्रतिबंधित पदार्थ अनिल बागरी पुत्र जय प्रताप बागरी और सुहेलेंद्र सिंह राजावत से प्राप्त किया गया था। उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 20 और 29 के तहत भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

 गैंग पर कई दिन से पुलिस की थी निगाह

जानकारी के अनुसार पुलिस को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि सीमा क्षेत्र से गुजरने वाला एक तस्करी गिरोह नियमित रूप से बड़े पैमाने पर गांजा सप्लाई कर रहा है। रविवार की देर रात पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि एमएच 49 बीबी 9699 नंबर की कार में बड़ी खेप भरकर दो लोग खपाने के लिए रवाना हुए हैं इसके बाद पुलिस ने मुख्य मार्गों पर चेकिंग बढ़ाई और कुछ ही देर में संदिग्ध कार को रोका तलाशी में कार की डिग्गी और सीटों के नीचे से कई पैकेट बरामद हुए, जिन्हें खोलने पर भारी मात्रा में गांजा निकला वजन करने पर यह मात्रा 46 किलोग्राम पाई गई।

गिरफ्तार आरोपियों में राज्यमंत्री का भाई भी शामिल

पुलिस ने जिन दो लोगों को पकड़ा है उनमें एक नाम अनिल बागरी है जो प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी का भाई बताया जा रहा है दूसरा आरोपी उसका साथी है जिसकी पहचान भी पुलिस ने उजागर की है दोनों आरोपियों को पकड़े जाने के बाद मेडिकल परीक्षण और पूछताछ के लिए थाने लाया गया और फिर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया जहां से दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में सेंट्रल जेल भेज दिया गया।

पुलिस अब सप्लाई चैन और फाइनेंसर की पड़ताल में जुटी

पुलिस इस गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गांजा कहाँ से खरीदा गया इस खेप को किस इलाके में सप्लाई किया जाना था और क्या इसके पीछे कोई संगठित फाइनेंसर या बड़ा गिरोह शामिल है क्या कार का उपयोग पहले भी तस्करी में हुआ है कार एमएच 49 बीबी 9699 की तकनीकी जांच कर पुलिस उसके पिछले रूट, टोल डेटा और लोकेशन हिस्ट्री भी खंगाल रही है।

तीन दिसंबर को राज्यमंत्री के बहनोई की भी गिरफ्तारी, बढ़ा राजनीतिक तापमान

यह मामला इसलिए और संवेदनशील हो गया है क्योंकि 3 दिसंबर को ही उत्तर प्रदेश की बांदा पुलिस ने राज्यमंत्री के बहनोई शैलेंद्र सिंह उर्फ सिम्मू को गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था लगातार दूसरे रिश्तेदार की गिरफ्तारी ने पूरे मामले को राजनीतिक रंग दे दिया है।

पूर्व विधायक कल्पना वर्मा के गंभीर आरोप

इस घटना के बाद सतना जिले की रैगांव सीट से पूर्व विधायक कल्पना वर्मा ने प्रदेश सरकार और राज्यमंत्री पर हमला बोला। उन्होंने कहा राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी अपने रिश्तेदारों को संरक्षण दे रही हैं। इसी वजह से क्षेत्र में अवैध कारोबार बढ़ रहे है। सरकार को साफ-साफ बताना चाहिए कि उनके परिवार के लोग कैसे तस्करी में लिप्त पाए जा रहे हैं? जिससे यह साफ जहिर हो रहा है कि कहीं न कहीं बड़ा संरक्षण मिल रहा है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है।

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 राज्यमंत्री की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं

गिरफ्तारी के कई घंटे बीत जाने के बाद भी न तो राज्यमंत्री कार्यालय और न ही सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने आई है। हालांकि भाजपा सूत्रों का कहना है कि कानून अपना काम करेगा।

 



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