सतना जिले में उस समय कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए, जब नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के प्रयास के आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के दौरान कोर्ट परिसर में जमकर हंगामा हुआ। आरोपी को देखते ही मौजूद भीड़ उग्र हो गई और उस पर हमला करने की कोशिश की गई। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस और उपद्रवियों के बीच धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई।

जानकारी के अनुसार नाबालिग से दुष्कर्म, हत्या के प्रयास और फायरिंग के मामलों में फरार चल रहे मुख्य आरोपी शुभम पाल को कोलगवां पुलिस ने 17 दिसंबर की रात नई बस्ती क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था। वह करीब नौ महीने से पुलिस की पकड़ से बाहर था। गिरफ्तारी के बाद 18 दिसंबर की शाम उसे अन्य दो आरोपियों के साथ न्यायालय में पेश किया गया।

दोनों पक्षों की भीड़ से बढ़ा तनाव

आरोपी की पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में पीड़ित पक्ष और आरोपी पक्ष के 50 से अधिक लोग मौजूद थे। जैसे ही पुलिस आरोपी को लेकर परिसर में पहुंची भीड़ ने नारेबाजी शुरू कर दी। हिस्ट्रीसीटर शुभम पाल पर हमला करने की कोशिश की। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।

पुलिस से झड़प, मची अफरा-तफरी

हमले की कोशिश के दौरान उपद्रवियों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कुछ समय के लिए कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिससे न्यायिक कार्य प्रभावित हुआ। हालात गंभीर होते देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और कोर्ट परिसर की घेराबंदी की गई।

मेडिकल के बाद कोर्ट लाए गए आरोपी

पुलिस के मुताबिक कोर्ट में पेश करने से पहले आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया था। इसके बाद उन्हें वज्र वाहन से न्यायालय लाया गया। वाहन से उतरते समय कुछ आरोपियों और उनके समर्थकों ने नारे लगाए, जिस पर थाना प्रभारी योगेन्द्र सिंह परिहार मौके पर पहुंचे और सख्त लहजे में फटकार लगाई। इसके बाद स्थिति कुछ हद तक शांत हुई और आरोपियों को दोबारा पुलिस वाहन में बैठाया गया।

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दो प्रकरण दर्ज, 9 आरोपी गिरफ्तार

घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए। मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिन्हें न्यायालय में पेश करने के बाद केंद्रीय जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में से एक के खिलाफ पहले से दो स्थायी वारंट लंबित थे, जबकि एक अन्य आरोपी पुराने आपराधिक मामलों में पहले भी जेल जा चुका है और फरार चल रहा था।

अधिवक्ताओं के हस्तक्षेप से संभले हालात

घटना के दौरान कोर्ट में मौजूद अधिवक्ताओं ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उग्र भीड़ को खदेड़कर उन्होंने पुलिस की मदद की, जिससे स्थिति पर काबू पाया जा सका।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

मामले पर सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर आरोपियों को चिह्नित जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कोर्ट परिसर में शांति भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी है।



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