इस बार जिले के डबरा, भितरवार व घाटीगांव के सरकारी स्कूलों में करीब डेढ़ महीने छात्रों की पढ़ाई प्रभावित रहेगी। इसकी वजह यह है कि स्कूलों में शिक्षकों …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 28 Jun 2026 05:59:41 PM (IST)Updated Date: Sun, 28 Jun 2026 05:59:41 PM (IST)

ग्वालियर में अगस्त से पहले नहीं होगी अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति, स्कूलों में होगी पढ़ाई प्रभावित
ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी न होने से अटकी है नियुक्ति। (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली, डेढ़ महीने पढ़ाई प्रभावित रहेगी
  2. नियमित शिक्षकों के ट्रांसफर के चलते अतिथि शिक्षकों की भर्ती में होगी देरी
  3. डबरा, भितरवार समेत जिले के स्कूलों में अगस्त में होगी नई नियुक्तियां

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। इस बार जिले के डबरा, भितरवार व घाटीगांव के सरकारी स्कूलों में करीब डेढ़ महीने छात्रों की पढ़ाई प्रभावित रहेगी। इसकी वजह यह है कि स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली हैं और इन खाली पदों पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति जुलाई की जगह अगस्त महीने में ही हो पाएगी। क्योंकि इस बार नियमित शिक्षकों की ट्रांसफर प्रक्रिया अभी चल रही है और 15 जुलाई तक चलेगी। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाएगी, तब तक अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाएगी और छात्रों की पढ़ाई सुचारू नहीं हो पाएगी।

यहां बता दें कि जिले में 1032 अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति हर साल होती है और इनकी उपस्थिति भी स्कूलों में 95 प्रतिशत से ऊपर ही रहती है।

नियमित शिक्षकों की ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी न होने से अटकी है नियुक्ति

जिले में पिछले साल यानी 2025 में अतिथि शिक्षकों की प्रक्रिया 10 जुलाई तक पूरी हो गई थी। ऐसे में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हुई थी। इस बार नियमित शिक्षकों की ट्रांसफर प्रक्रिया देरी से शुरू हुई और 15 जुलाई तक चलेगी। हालांकि विभाग का दावा है कि 30 जून को ट्रांसफर लिस्ट जारी कर दी जाएगी और सात जुलाई तक शिक्षकों को संबंधित स्कूल में जॉइन होना है।

जिन शिक्षकों को ट्रांसफर से परेशानी है तो वे आपत्ति दर्ज करा सकते हैं और 15 जुलाई तक उसका हल होगा। जब यह प्रक्रिया पूरी होगी, तब पता चलेगा कि किस स्कूल में कितने पद खाली हैं। क्योंकि जिन स्कूलों में स्वीकृत पदों से अधिक शिक्षक हैं और उन्हें खाली पद वाले स्कूल में भेजा जाएगा, तो वहां का पद भर जाएगा। ऐसे में अतिथि शिक्षक की वहां पर जरूरत खत्म हो जाएगी। यानी ट्रांसफर प्रक्रिया के बाद ही स्कूलों का डाटा सामने आएगा जहां पर पद रिक्त हैं और वहां पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति होना है।

इस तरह होती है नियुक्ति

नए अभ्यर्थियों के लिए प्रक्रिया: नए अभ्यर्थी को एजुकेशन पोर्टल पर जाकर अतिथि शिक्षक वाले ऑप्शन पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होता है और अपनी योग्यता के प्रमाण पत्र अपलोड करने होते हैं। इसके बाद लोक शिक्षण विभाग मेरिट सूची बनाता है। मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों की नियुक्ति स्कूलों में होती है।

पुराने अतिथि शिक्षकों के लिए प्रक्रिया: जो अतिथि शिक्षक पिछले साल भी स्कूलों में पढ़ा रहे थे, उनका रजिस्ट्रेशन पहले से ही पोर्टल पर रहता है। उन्हें हर साल पढ़ाने के अंक दिए जाते हैं। साथ ही अतिथि शिक्षक की नियुक्ति के समय पहले उन्हें ही वरीयता दी जाती है। ऐसे में ट्रांसफर प्रक्रिया के बाद भी स्कूल में पद खाली है तो पिछले साल पढ़ाने वाले अतिथि शिक्षक की फिर से नियुक्ति हो जाएगी। यदि पद भर गया है तो उसे काउंसलिंग में जाकर स्कूलों के विकल्प चुनने होंगे।

30 अप्रैल को हो जाती हैं सेवाएं समाप्त

अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति बेशक जुलाई में हो या फिर अगस्त में, लेकिन उनकी सेवाएं 30 अप्रैल को समाप्त हो जाती हैं। यानी नए शिक्षण सत्र में एक महीने पढ़ाने के बाद जुलाई या अगस्त में फिर से इनकी नियुक्ति की जाती है।

किस ब्लॉक में कितने अतिथि शिक्षकों की होती है नियुक्ति

  • ब्लॉक : अतिथि शिक्षक
  • डबरा : 256
  • भितरवार : 412
  • घाटीगांव : 213
  • मुरार ग्रामीण : 88
  • मुरार अर्बन एक : 32
  • मुरार अर्बन दो : 31
  • कुल : 1032

अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया डीपीआई ऑनलाइन तरीके से करता है। हालांकि अतिथि शिक्षकों के रजिस्ट्रेशन व पहले के अतिथि शिक्षकों के रिकॉर्ड अपडेशन की प्रक्रिया तो विभाग ने करा ली है। संभवतः जैसे ही शिक्षकों के ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होगी, वैसे ही डीपीआई अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर देगा। – हरिओम चतुर्वेदी, संयुक्त संचालक शिक्षा



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *