नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर में चेतकपुरी रोड, जेड शेप नाला, सिंहपुर रोड जैसी सुर्खियों के बाद अब हाउसिंग बोर्ड द्वारा चंबल कॉलोनी में एक लेन में तैयार की गई सड़क को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसका कारण है कि सड़क के बीचोंबीच पेड़ खड़े हुए हैं और मौके पर ठेकेदार ने जीएसबी की एक परत भी बिछा दी है। ऐसे में इस सड़क से ट्रैफिक का आवागमन कैसे हो सकेगा, इसको लेकर संशय की स्थिति है।

रात में हादसे की संभावना 100%

दिन में जैसे-तैसे वाहनों का आवागमन होगा, तो रात में तो शत-प्रतिशत हादसे की संभावना बनी हुई है। हालांकि हाउसिंग बोर्ड के इंजीनियरों का कहना है कि हाई कोर्ट में चल रही याचिका के कारण फिलहाल पेड़ों को हटाने की कार्रवाई नहीं की गई है।

बीचों-बीच खड़े हैं कई पेड़

थाटीपुर पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत चंबल कालोनी में कर्मचारी आवास के पास करीब 500 मीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। यहां सड़क के एक हिस्से पर अर्थ वर्क (मिट्टी कार्य) शुरू हुआ। इस पैच के बीचों-बीच कई पेड़ खड़े हैं। जिम्मेदार इन पेड़ों को शिफ्ट करना या रास्ता बदलना भूल गए और पेड़ों के बीच से ही सड़क निकाल दी। स्थिति यह है कि अब पेड़ों के बीच से दोपहिया वाहन निकालने में भी लोगों को मुश्किल होगी, जबकि कार चालकों का निकलना असंभव है।

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सड़क पर खड़ा पेड़। नईदुनिया

चौहान प्याऊ तक जाती है सड़क

यह सड़क मौसम विभाग के परिसर के पास से शुरू होकर चौहान प्याऊ तक जाती है। फिलहाल 500 मीटर के हिस्से में ही डबल सड़क का निर्माण हुआ है, जबकि शेष हिस्सा सिंगल सड़क ही है। इंजीनियरों का कहना है कि जहां पेड़ हैं, वहां सीवर व पानी की लाइन बिछाने के बाद जीएसबी भरी गई है ताकि वर्षा के दौरान चेतकपुरी रोड जैसी स्थिति नहीं बने। वर्षा का पानी रोड में जाने के बाद फाइनल परत बिछाने का काम किया जाएगा।

हाई कोर्ट में चल रहा है हरियाली का मामला

थाटीपुर पुनर्घनत्वीकरण प्रोजेक्ट को लेकर वर्तमान में हाई कोर्ट में भी जनहित याचिका प्रचलित है। इसमें हरियाली व पेड़ों के ट्रांसप्लांट के मुद्दे को लेकर सुनवाई होनी है। ऐसे में फिलहाल हाउसिंग बोर्ड के इंजीनियर पेड़ों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं कर रहे हैं। यही कारण है कि सड़क पर लगे पेड़ों को काटने या हटाने के लिए भी कोई फैसला नहीं लिया गया है। जब तक हाइकोर्ट से कोई आर्डर पारित नहीं होगा, तब तक पेड़ों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।

एक तरफ की सड़क पर सीवर-पानी की लाइन बिछाई गई थी। इसके बाद जीएसबी डालकर भराव किया गया है, ताकि वर्षा के दौरान जितनी सड़क बैठनी है, उतनी बैठ जाए। वर्षा के बाद यहां निर्माण कार्य किया जाएगा। जहां तक पेड़ों की बात है, तो इस मामले में हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। – राजेंद्र तिवारी, कार्यपालन यंत्री हाउसिंग बोर्ड।



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