यदि आप भी हर महीने आने वाले महंगे बिल से परेशान हैं, तो आपको सबसे पहले अपनी कुछ आदतों को सुधारने की जरूरत है।

HighLights
- रिमोट से टीवी बंद करके भूल जाते हैं आप
- जेब पर भारी पड़ सकती है आपकी ये आदतें
- फाइव-स्टार रेटिंग अप्लायंसेज से घटेगा बिल
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। गर्मियों का मौसम आते ही अंचल के ज्यादातर घरों में एक बड़ी समस्या आम हो जाती है, अचानक से बिजली बिल का आसमान छूना। जब भी बिल ज्यादा आता है, तो अधिकांश लोग सारा दोष सिर्फ एसी या कूलर के सिर मढ़ देते हैं। लेकिन भारी-भरकम बिजली बिल के पीछे सिर्फ ये बड़े उपकरण ही जिम्मेदार नहीं हैं?
सच तो यह है कि हमारे घर की रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी और अनजानी गलतियां महीने के आखिर में जेब पर बहुत भारी असर डालती हैं। यदि आप भी हर महीने आने वाले महंगे बिल से परेशान हैं, तो आपको सबसे पहले अपनी कुछ आदतों को सुधारने की जरूरत है।
ये पांच कारण जिनसे बढ़ता है बिल
- बिना जरूरत चालू छोड़ देना : बहुत से लोगों की आदत होती है कि वे कमरे से बाहर निकलते समय पंखा, टीवी, लाइट या गीजर चालू ही छोड़ देते हैं। छोटी लगने वाली यह लापरवाही लगातार यूनिट्स बढ़ाती रहती है, जो महीने के अंत में एक बड़ा आंकड़ा बन जाती है।
- पुराने और बिना स्टार रेटिंग वाले उपकरण : अगर आपके घर में फ्रिज, एसी या पानी की मोटर बहुत पुरानी तकनीक की है, तो वे जरूरत से ज्यादा बिजली की खपत करते हैं। नए दौर के स्टार रेटिंग वाले उपकरण काफी कम बिजली में बेहतर परफॉर्मेंस देते हैं।
बिजली और पैसा बचाने के ये हैं तरीके
- एलईडी बल्ब का उपयोग : घर के पुराने सीएफएल या पीले बल्बों को तुरंत हटाकर एलईडी लाइट्स लगाएं। यह रोशनी भी ज्यादा देती हैं और बिजली भी बचाती हैं।
- फाइव-स्टार रेटिंग वाले अप्लायंसेज : जब भी कोई नया इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे फ्रिज, वाशिंग मशीन या एसी खरीदें, तो उस पर फाइव-स्टार रेटिंग का लेबल जरूर देखें।
- एसी को 24 डिग्री पर चलाएं : मानव शरीर के लिए 24 डिग्री का तापमान सबसे मुफीद और आरामदायक माना जाता है। इस तापमान पर एसी चलाने से कंप्रेसर को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ती और बिजली की भारी बचत होती है।
स्मार्ट मीटर उपभोक्ता विशेष ध्यान दें
यदि आपके घर में नया स्मार्ट मीटर लगा हुआ है, तो आपके पास अपनी बिजली की खपत को नियंत्रित करने का सबसे बेहतरीन मौका है। स्मार्ट मीटर के साथ आने वाले मोबाइल ऐप या डिस्प्ले के जरिए अपनी दैनिक बिजली खपत पर लगातार नजर रखें। इससे आपको तुरंत पता चल जाएगा कि किस दिन या किस उपकरण की वजह से ज्यादा यूनिट खर्च हो रही हैं।
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