शहर के लोगों और जनप्रतिनिधियों ने सड़क पर बिछाए गए डामर की मोटाई निर्धारित मानक से कम होने का आरोप लगाते हुए निर्माण कार्य का विरोध किया। देखते ही देख…और पढ़ें

Publish Date: Sat, 27 Jun 2026 03:36:15 PM (IST)Updated Date: Sat, 27 Jun 2026 03:37:42 PM (IST)

ग्वालियर में 1.74 करोड़ की सड़क पर बवाल, डामर की मोटाई कम देख भड़के लोग, निगमायुक्त ने मांगी रिपोर्ट
सड़क पर डामर की मोटाई चेक करते निगम के इंजीनियर। नईदुनिया

HighLights

  1. वार्ड क्रमांक 26 के सिंहपुर रोड का मामला
  2. ठेकेदार फर्म के कर्मचारियों से मारपीट
  3. निगमायुक्त ने रिपोर्ट तलब कर कार्रवाई के दिए निर्देश

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। वार्ड-26 के सिंहपुर रोड पर लगभग 1.74 करोड़ रुपये की लागत से बन रही सड़क की गुणवत्ता को लेकर शुक्रवार शाम जमकर विवाद हो गया। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने सड़क पर बिछाए गए डामर की मोटाई निर्धारित मानक से कम होने का आरोप लगाते हुए निर्माण कार्य का विरोध किया।

देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि ठेकेदार फर्म के कर्मचारियों के साथ मारपीट की नौबत आ गई। सूचना मिलने पर नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। निगमायुक्त ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

क्षेत्रवासियों के साथ मौके पर पहुंचीं पार्षद

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब साढ़े छह बजे नगर निगम की ठेकेदार फर्म मैसर्स एचएनएस (संचालक हाकिम शर्मा) सिंहपुर रोड पर लगभग एक किलोमीटर लंबाई में डामरीकरण का कार्य करा रही थी। इसी दौरान स्थानीय पार्षद ममता अरविंद शर्मा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों के साथ मौके पर पहुंचीं और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर आपत्ति जताई। स्थानीय लोगों का आरोप था कि सड़क पर डाली जा रही डामर की परत की मोटाई निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। उनका कहना था कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है।

विरोध बढ़ने पर नगर निगम के सहायक यंत्री अमित गुप्ता भी मौके पर पहुंचे और ठेकेदार फर्म की ओर से कार्य देख रहे संदीप शर्मा के साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क की मोटाई को लेकर की गई शिकायत प्रथम दृष्टया सही प्रतीत होने की बात सामने आई, जिसके बाद अधिकारियों ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की।

निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ठेकेदार पक्ष के बीच बातचीत चल ही रही थी कि माहौल अचानक गर्मा गया। बहस बढ़ने के बाद कुछ लोगों ने ठेकेदार फर्म के कर्मचारियों के साथ मारपीट कर दी। स्थिति बिगड़ती देख कर्मचारी मौके से भाग निकले, जबकि आक्रोशित लोग कुछ दूरी तक उनका पीछा करते रहे। घटनाक्रम के बाद देर रात तक सड़क पर अतिरिक्त डामर की परत बिछाने का कार्य कराया गया।



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