इंदौर के लवकुश चौराहे पर बन रहे प्रदेश के पहले डबल डेकर ब्रिज का काम 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अगस्त माह में इसकी एक भुजा पर ट्रायल के तौर पर ट्रैफिक शुरू किया जाएगा। यह प्रदेश का पहला डबल डेकर ब्रिज है, जिसकी जमीन से अधिकतम ऊंचाई 70 फीट है।
यह ब्रिज मेट्रो ट्रैक और सुपर कॉरिडोर पर बने ब्रिज को पार करते हुए उज्जैन रोड की ओर उतरेगा। ब्रिज के मध्य हिस्से में दोनों ओर स्पैन रखे जा चुके हैं। इसके लिए विशेष तौर पर क्रेन और अन्य आधुनिक उपकरणों का सहारा लिया गया।
इस ब्रिज के नीचे से मेट्रो ट्रैक और सुपर कॉरिडोर की ओर जाने वाला ब्रिज गुजरता है। अगले माह उज्जैन से इंदौर की ओर आने वाली भुजा को ट्रैफिक ट्रायल के लिए कुछ दिनों के लिए खोला जा सकता है। इसके बाद ब्रिज का लोड टेस्ट किया जाएगा। डबल डेकर ब्रिज के बनने से हर दिन करीब एक लाख लोगों की राह आसान होगी। सिंहस्थ के समय भी यह ब्रिज ट्रैफिक व्यवस्था में मददगार साबित होगा।
इंदौर-उज्जैन रोड पर यह दूसरा ब्रिज है। पिछले सिंहस्थ से पहले बाणगंगा में चार लेन का ब्रिज बनाया गया था। इस ब्रिज की लंबाई जहां समाप्त होगी, वहीं से इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन सड़क निर्माण का काम शुरू होगा। इस ब्रिज की अधिकतम ऊंचाई जमीन से 70 फीट है। अपनी ऊंचाई के कारण इसकी लंबाई भी शहर के अन्य ब्रिजों से अधिक है। यह ब्रिज करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा है और इसके निर्माण पर 300 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
ब्रिज की एक भुजा तैयार हो चुकी है, जबकि दूसरी भुजा पर डामरीकरण का कार्य किया जा रहा है। ब्रिज के नीचे सर्विस रोड का निर्माण भी जारी है। इसके अलावा ब्रिज के विद्युतीकरण और सौंदर्यीकरण का काम भी चल रहा है। जल्द ही यह कार्य पूरा हो जाएगा। ब्रिज का निर्माण 20 जुलाई तक पूरा होने की संभावना है। इसका निर्माण इंदौर विकास प्राधिकरण ने कराया है। प्राधिकरण इस ब्रिज का लोकार्पण करेगा। हालांकि, इसकी तिथि अभी तय नहीं हुई है। मेट्रो के 17 किलोमीटर हिस्से के संचालन और डबल डेकर ब्रिज के लोकार्पण की शुरुआत एक साथ हो सकती है।
