रोड के किनारे क्रिकेट की थीम पर वाल पेंटिंग कराने और कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम में सचिन तेंदुलकर द्वारा बनाए गए सर्वाधिक स्कोर की छवि भी प्रदर्शित करने …और पढ़ें

HighLights
- अपर आयुक्त ने सड़क मार्ग के निरीक्षण में दिए निर्देश
- फुटपाथ की बेंच से लेकर दीवारों तक दिखेगी क्रिकेट की थीम
- रास्ते पर धूल-मिट्टी रोकने के लिए की जाएगी हरियाली
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के नाम पर बन रहा सचिन तेंदुलकर मार्ग जल्द ही क्रिकेट के रंग में रंगा नजर आएगा। कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर नगर निगम अपर आयुक्त टी. प्रतीक राव ने गुरुवार को सचिन तेंदुलकर मार्ग का निरीक्षण किया।
स्मार्ट सिटी को तैयार करने के लिए मिले निर्देश
इस दौरान उन्होंने मार्ग को क्रिकेट और सचिन तेंदुलकर की थीम पर तैयार करने के निर्देश स्मार्ट सिटी के उपयंत्री अभिषेक त्रिपाठी को दिए। निरीक्षण में अपर आयुक्त ने कहा कि क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर एवं क्रिकेट की थीम पर रोड को डिजाइन किया जाए। इस मार्ग पर डिवाइडर पर क्रिकेट के बैट की कलाकृति लगाई जाए, जिस पर सचिन तेंदुलकर के हस्ताक्षर होंगे। इसके अलावा, फुटपाथ पर आम जनता के बैठने के लिए जो बैंच लगाई जाएंगी, उन पर भी क्रिकेट के विभिन्न प्रतीक बनाए जाएंगे।
कराएं फुटपाथ का सीमांकन
इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारी को निर्देश दिए कि वह फुटपाथ का सीमांकन कराएं। साथ ही जो निचले क्षेत्र हैं, वहां वाटर हार्वेस्टिंग के निर्देश नोडल अधिकारी राकेश कश्यप को दिए। रोड के किनारे क्रिकेट की थीम पर वाल पेंटिंग कराने और कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम में सचिन तेंदुलकर द्वारा बनाए गए सर्वाधिक स्कोर की छवि भी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के माध्यम से सचिन तेंदुलकर मार्ग पर हरियाली कराने के लिए निर्देश प्रदूषण विभाग की सलाहकार दीपाली पांडे को दिए, जिससे मार्ग पर धूल-मिट्टी से आमजनों को परेशानी न हो।
जलभराव वाले क्षेत्रों का भी हुआ निरीक्षण
अपर आयुक्त ने गुरुवार को शहर के जलभराव वाले क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने महाराणा प्रताप नगर, विक्की फैक्ट्री और माधव नगर क्षेत्र का निरीक्षण किया। अपर आयुक्त ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी क्षेत्रों में जल निकासी के पर्याप्त और पुख्ता प्रबंध किए जाएं। जलभराव के जितने भी संभावित स्थान हैं, वहां से पानी निकालने के लिए वैकल्पिक व स्थायी व्यवस्थाएं तुरंत सुनिश्चित की जाएं।
