सड़क हादसों में मौत और गंभीर चोटों को कम करने के लिए सरकार और जिला प्रशासन लगातार हेलमेट पहनने को लेकर सख्ती बढ़ा रहे हैं, लेकिन राजधानी के दोपहिया वाहन चालक अब भी नियमों को गंभीरता से नहीं ले रहे। हेलमेट अनिवार्य करने, ‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’ लागू करने और चालक के साथ पीछे बैठे व्यक्ति के लिए भी हेलमेट पहनना जरूरी करने जैसे कई फैसलों के बावजूद हालात नहीं बदले हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में बिना हेलमेट वाहन चलाने पर 10,143 चालान काटे गए। ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से मई 2026 के बीच राजधानी में कुल 27,152 चालान बनाए गए। इनमें सबसे ज्यादा कार्रवाई हेलमेट नहीं पहनने वालों पर हुई। इस अवधि में 30.42 लाख रुपये का जुर्माना सिर्फ हेलमेट नियम तोड़ने वालों से वसूला गया। यानी हर तीन चालानों में लगभग एक चालान बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों का रहा।

एक साल में कई बार हुए सख्त फैसले

सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने पिछले एक वर्ष में कई अहम कदम उठाए। 30 जुलाई 2025 को बिना हेलमेट दोपहिया चालकों को पेट्रोल नहीं देने का आदेश जारी किया गया। 1 अगस्त 2025 से राजधानी के पेट्रोल पंपों पर ‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’ व्यवस्था लागू की गई। इसके बाद चालक के साथ पीछे बैठे व्यक्ति के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया और विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भी ड्यूटी के दौरान तथा दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने के निर्देश दिए गए थे, ताकि आम लोगों के सामने पुलिस स्वयं उदाहरण पेश कर सके।

यह भी पढ़ें-मानसून की रफ्तार तेज, अगले 48 घंटे अहम, 45 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट

पुलिस भी नहीं निभा पा रही पूरी जिम्मेदारी

हेलमेट को लेकर सख्ती की बात तो लगातार की गई, लेकिन इसका पालन हर स्तर पर नहीं दिख रहा। राजधानी में आज भी कई पुलिसकर्मी दोपहिया वाहनों पर बिना हेलमेट चलते नजर आ जाते हैं। ऐसे में आम लोगों के बीच गलत संदेश जाता है। जब नियम लागू कराने वाली एजेंसी के कर्मचारी ही नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो आम नागरिकों से पूरी तरह पालन की उम्मीद करना भी मुश्किल हो जाता है।

अभियान चला, लेकिन नहीं बदली आदत

शुरुआत में नो हेलमेट-नो पेट्रोल अभियान का असर दिखाई दिया, लेकिन समय के साथ इसका प्रभाव कम होता गया। कई लोग सिर्फ पेट्रोल पंप तक हेलमेट पहनकर पहुंचे और बाद में उतार दिया। वहीं कई स्थानों पर नियमों के पालन में भी ढिलाई देखने को मिली। नतीजा यह रहा कि हेलमेट को लेकर लगातार जागरूकता अभियान और कार्रवाई के बावजूद बड़ी संख्या में लोग अब भी नियम तोड़ रहे हैं।

यह भी पढ़ें-भोपाल में आज मोहर्रम पर निकलेगा मातमी जुलूस: पुराने शहर में ट्रैफिक डायवर्जन, भारी वाहनों की एंट्री बंद

सबसे बड़ी चुनौती बना हेलमेट नियम

ट्रैफिक पुलिस के पांच महीने के आंकड़े बताते हैं कि राजधानी में सबसे अधिक उल्लंघन हेलमेट नियम का ही है। ओवरस्पीड, स्टंटबाजी, गलत पार्किंग और अन्य ट्रैफिक नियमों की तुलना में हेलमेट नहीं पहनने वालों पर सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई है। यह बताता है कि सड़क सुरक्षा के लिए बनाए गए नियमों को लेकर लोगों में अब भी गंभीरता की कमी है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *