एनसीईआरटी की किताबों की पायरेसी और नकली पुस्तकों को लेकर जारी चेतावनी के बाद कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति को पत्र भेजा है। कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने स्वतंत्र जांच, शिक्षा माफियाओं के खिलाफ सख्त कानून और शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि पहले पेपर लीक की घटनाएं सामने आती रहीं, अब किताबों की पायरेसी और अवैध बिक्री के मामले भी सामने आ रहे हैं। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों का शिक्षा व्यवस्था से भरोसा कमजोर हो रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि शिक्षा माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से यह स्थिति बनी हुई है।
एनसीईआरटी के सर्कुलर पर सवाल
कांग्रेस ने कहा कि जब देश की प्रमुख शैक्षणिक संस्था एनसीईआरटी को अपनी ही किताबों की पायरेसी के खिलाफ चेतावनी जारी करनी पड़ रही है, तो यह व्यवस्था की गंभीर खामी को दर्शाता है। पार्टी का कहना है कि केवल सर्कुलर जारी करने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
निजी स्कूलों की मनमानी का आरोप
पत्र में निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली, तय दुकानों से किताबें और ड्रेस खरीदने की बाध्यता तथा शिक्षा के बढ़ते व्यावसायीकरण का भी मुद्दा उठाया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि इन परिस्थितियों का फायदा शिक्षा माफिया उठा रहे हैं। विद्यार्थियों और अभिभावकों के हितों को लेकर कांग्रेस ने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शुरू करने की घोषणा की है। पार्टी का कहना है कि यह अभियान शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जाएगा।
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स्वतंत्र जांच और सख्त कानून की मांग
कांग्रेस ने राष्ट्रपति से पूरे मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली स्वतंत्र समिति से कराने की मांग की है। साथ ही शिक्षा माफियाओं पर सख्त कार्रवाई, राष्ट्रीय स्तर पर कड़े कानून बनाने और इस विषय पर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात का समय देने का आग्रह किया है।
