इंदौर के पॉश और विकसित आवासीय क्षेत्र तुलसीनगर में बड़े पैमाने पर चल रहे एक अवैध शराब निर्माण नेटवर्क को ध्वस्त करने में बड़ी कामयाबी मिली है। जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने बेहद मुश्तैदी दिखाते हुए समय रहते इस सुनियोजित कार्रवाई को अंजाम दिया। यदि इस अवैध गतिविधि पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया जाता तो क्षेत्र में जनस्वास्थ्य के साथ-साथ कानून-व्यवस्था को लेकर भी गंभीर जोखिम खड़े हो सकते थे। 

तीन दिनों तक सिविल ड्रेस में रेकी करने के बाद दी दबिश

इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए आबकारी विभाग की टीमों ने लगभग तीन दिनों तक तुलसीनगर इलाके में सिविल ड्रेस यानी सादे कपड़ों में रहकर गोपनीय निगरानी रखी। इस दौरान संदिग्ध गतिविधियों की बारीकी से पुष्टि की गई। पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद योजनाबद्ध ढंग से एक तीन मंजिला आलीशान भवन के भीतर दबिश दी गई। जैसे ही टीम घर के अंदर दाखिल हुई, वहां का नजारा देखकर दंग रह गई। उस रिहायशी मकान के भीतर अवैध रूप से मदिरा का निर्माण और उसकी पैकेजिंग करने की पूरी यूनिट संचालित की जा रही थी।

भारी मात्रा में नकली होलोग्राम ब्रांडेड कैप और ब्लेंडर मशीनें बरामद

मकान के भीतर की गई सघन तलाशी के दौरान टीम ने 144 बल्क लीटर यानी लगभग 16 पेटी तैयार मदिरा जब्त की। इसके साथ ही मौके से भारी मात्रा में स्प्रिट, कैरेमल, पैकेजिंग सामग्री और हजारों की संख्या में नामी कंपनियों के डुप्लीकेट लेबल एवं होलोग्राम बरामद किए गए। कार्रवाई में विभिन्न नामी अंग्रेजी शराब ब्रांडों के बॉटल कैप, कागजी कार्टून और दो बड़ी ब्लेंडर मशीनें भी हाथ लगी हैं। बरामद की गई सामग्री से यह पूरी तरह साफ हो गया है कि यहां अवैध रूप से शराब बनाकर उसे असली और वैध उत्पाद के रूप में बाजार में ऊंचे दामों पर खपाने की बड़ी साजिश चल रही थी।

अंतरराज्यीय तस्करी और संगठित गिरोह से जुड़े होने की आशंका

शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं वे बेहद चौंकाने वाले हैं। मौके से मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में बिकने वाली शराब के लेबलों के साथ-साथ राजस्थान राज्य में प्रचलित विभिन्न ब्रांडों के नकली लेबल, होलोग्राम और पैकेजिंग सामग्री भी भारी मात्रा में मिली है। इससे जांच अधिकारियों को आशंका है कि यह महज स्थानीय स्तर का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बहुत बड़ा संगठित अंतरराज्यीय अवैध शराब निर्माण और तस्करी का नेटवर्क सक्रिय है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों, निर्माण की तकनीक, वितरण की पूरी श्रृंखला और इसमें शामिल अन्य रसूखदार व्यक्तियों की भूमिका की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

मुख्य आरोपी गिरफ्तार अंग्रेजी शराब के कूपन मिलने से जांच का दायरा बढ़ा

आबकारी विभाग ने इस मामले के मुख्य आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की सुसंगत और प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही जब्त की गई मदिरा और अन्य रसायनों को वैज्ञानिक एवं तकनीकी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है ताकि यह सटीक पता लगाया जा सके कि यह शराब कितनी जहरीली या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक थी। रिहायशी इलाके में महंगी अंग्रेजी शराब से संबंधित पैकेजिंग सामग्री मिलने के बाद अब जांच का दायरा और ज्यादा विस्तृत कर दिया गया है।

आवासीय क्षेत्र में फैक्टरी का चलना गंभीर विषय 

आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि तुलसीनगर जैसे विकसित और घने आवासीय क्षेत्र में इस प्रकार की अवैध शराब निर्माण इकाई का इतने समय से संचालित होना अपने आप में एक अत्यंत गंभीर विषय है। अगर सही समय पर इस काले कारोबार का भंडाफोड़ नहीं होता, तो बहुत बड़ी मात्रा में यह मिलावटी और जानलेवा शराब बाजार में आम लोगों तक पहुंच जाती, जिससे जनहानि भी हो सकती थी। सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी ने आम जनता से पुरजोर अपील की है कि वे अपने आस-पास अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण, परिवहन या बिक्री से जुड़ी किसी भी संदिग्ध जानकारी को तत्काल विभाग से साझा करें। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने साफ किया है कि जिले में अवैध शराब के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी इसी तरह और अधिक सख्ती के साथ जारी रहेगा।



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