पिछले एक दशक में सबसे देरी से मानसून 2019 में छह जुलाई को आया था। हालांकि पिछले साल 19 जून को आया था।

Publish Date: Thu, 25 Jun 2026 07:58:34 AM (IST)Updated Date: Thu, 25 Jun 2026 08:05:51 AM (IST)

ग्वालियर-चंबल में मानसून की 'महा-देरी': 7 साल में दूसरी बार सबसे लेट, जानें कब मिलेगी उमस से राहत
तेज धूप से बचाव करती महिला व युवती। नईदुनिया

HighLights

  1. 7 साल का रिकॉर्ड टूटा
  2. 2019 में आया था सबसे देरी से मानसून
  3. इस बार सामान्य से 10% कम बारिश का अनुमान

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर चंबल अंचल में अंचल में मानसून के आने की तिथि 25 जून है। पिछले सात साल में दूसरी बार अंचल में मानसून देरी से आएगा। पिछले एक दशक में सबसे देरी से मानसून 2019 में छह जुलाई को आया था। हालांकि पिछले साल 19 जून को आया था।

पिछले साल हुई थी 1446 मिमी वर्षा: पिछले साल पूरे सीजन में जिले की औसत वर्षा 700 मिमी से दोगुनी से अधिक यानी 1446 मिमी हुई थी। इस बार मौसम विज्ञान केंद्र ने सामान्य से 10 प्रतिशत कम वर्षा होने का अनुमान जताया है।

अंचल में पिछले 10 साल में कब-कब आया मानसून

  • 2025: 19 जून
  • 2024: 28 जून
  • 2023: 25 जून
  • 2022:जून अंतिम सप्ताह
  • 2021: 28 जून
  • 2020: 23 जून
  • 2019: जुलाई पहला सप्ताह
  • 2018: 25 जून
  • 2017: 26-27 जून
  • 2016: 28 जून

मंडराने लगा था सूखे का खतरा: मानसून की देरी के चलते बुवाई सीजन में सूखे का खतरा मंडराने लगा था। प्रदेश में एक जून से 24 जून तक सामान्य के मुकाबले 50 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में तो सामान्य से 70 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी वर्षा का आंकड़ा सामान्य से 32 प्रतिशत कम है।

  • आगे क्या? अगले 48 घंटों में मानसून प्रदेश के शेष हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। मालवा, निमाड़, महाकौशल और नर्मदापुरम संभाग में वर्षा गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं।

अगले 5 दिन तक सताएगी उमस, 41 डिग्री तक पहुंचेगा पारा

आगामी पांच दिन तक अंचल में वर्षा या तेज हवा चलने की संभावना कम है। इन दिनों में तापमान भी 39 से 41 डिसे के बीच रहेगा यानी आगामी दिनों में उमस भरी गर्मी शहर व अंचल के लोगों को सताएगी। हालांकि बुधवार को दिन के तापमान में 1.1 डिसे की गिरावट हुई और 39.9 डिसे पर आ गया। रात का तापमान भी हल्का गिरा है और 28.6 डिसे पर आ गया है।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ का असर अंचल पर नहीं आ रहा है और ट्रफ राजस्थान के ऊपर है। ऐसे में आगामी दिनों में अंचल के तापमान में कभी थोड़ा कम तो कभी थोड़ा हो जाएगा यानी तापमान 40 डिसे के ऊपर या नीचे होता रहेगा। ऐसे में आगामी दिनों में लोगों को उमसभरी गर्मी से परेशान होना पड़ेगा।



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