इंदौर कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को एक 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला एंबुलेंस से अपनी शिकायत लेकर जनसुनवाई में पहुंचीं। इस दौरान जब इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने बुजुर्ग महिला को एंबुलेंस से कार्यालय पहुंचते देखा, तो उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाकर उनकी समस्या के बारे में जानकारी ली। साथ ही परिजनों को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायत का जल्द निराकरण किया जाएगा।

बताया जा रहा है कि 80 वर्षीय अनीश फातिमा का इंदौर के गांधीनगर क्षेत्र में एक प्लॉट था। पति के निधन के बाद वह अपने परिजनों के पास उत्तर प्रदेश के बिजनौर चली गई थीं। इंदौर स्थित संपत्ति की देखरेख की जिम्मेदारी उन्होंने अपने परिचितों को सौंप दी थी। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने गांधीनगर संस्था के अध्यक्ष फूलचंद पांडे के सहयोग से प्लॉट से संबंधित फर्जी दस्तावेज तैयार कर लिए और उन दस्तावेजों के आधार पर अनीश फातिमा का प्लॉट बेच दिया।

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जब बुजुर्ग महिला को इस मामले की जानकारी मिली, तो उन्होंने गांधीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि पुलिस ने केवल धोखाधड़ी (धारा 420) का मामला दर्ज कर औपचारिकता पूरी कर दी और मामले की गहराई से जांच नहीं की। इसके बाद उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से दोबारा शिकायत की, लेकिन जांच के बाद पुलिस ने मामला बंद कर दिया।

इससे नाराज अनीश फातिमा मंगलवार को एंबुलेंस से अपने परिजनों के साथ कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचीं और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए आवेदन सौंपा। कलेक्टर शिवम वर्मा ने उन्हें आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक और उचित कार्रवाई की जाएगी।



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