जिले के विजयपुर क्षेत्र अंतर्गत दुबेरा गांव में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कूनो नेशनल पार्क से निकलकर एक मादा चीता गांव में पहुंच गई। चीता खेतों से होते हुए गांव की गलियों और फिर सरकारी प्राथमिक स्कूल के पास तक जा पहुंचा, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार मादा चीता CCB2 सुबह दुबेरा गांव की सीमा में दाखिल हुई थी। शुरुआत में वह खेतों के आसपास घूमती रही लेकिन कुछ देर बाद रिहायशी इलाके की ओर बढ़ गई। देखते ही देखते चीता गांव की गलियों में घूमने लगी और सरकारी स्कूल के नजदीक पहुंच गई। स्कूल के पास चीता दिखाई देने की खबर फैलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। अभिभावकों ने एहतियातन अपने बच्चों को घरों के भीतर बुला लिया, जबकि स्कूल और आसपास के क्षेत्र में कुछ समय के लिए सन्नाटा पसर गया।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चीते को देखकर कुछ ग्रामीणों ने शोर मचाया और लाठी-डंडों की मदद से उसे आबादी वाले क्षेत्र से दूर भगाने का प्रयास किया। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें चीते की गतिविधियां और ग्रामीणों की भीड़ दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब चीता गांव में घूम रहा था, उस समय वन विभाग या ‘चीता मित्र’ टीम का कोई सदस्य मौके पर मौजूद नहीं था। इसे लेकर लोगों ने नाराजगी भी जताई है।
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है, जब कूनो नेशनल पार्क का कोई चीता जंगल की सीमा से बाहर निकला हो। चीता परियोजना शुरू होने के बाद कई बार चीते आसपास के गांवों, खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों के नजदीक देखे जा चुके हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार चीते अक्सर अपना क्षेत्र तलाशने या शिकार का पीछा करते हुए जंगल की सीमा से बाहर निकल आते हैं। हालांकि ऐसे मामलों में लोगों को सतर्क रहने और वन विभाग के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
