अब बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में 80 प्रतिशत तक आरोपी आसपास के लोग, रिश्तेदार और परिवार से परिचित ही निकल रहे हैं। चाहें बहला-फुसलाकर अपहरण ह …और पढ़ें

HighLights
- अनजानों से ज्यादा परिचितों से खतरा
- उपहार का लालच और डर देकर बच्चों को बना रहे शिकार
- NCRB रिपोर्ट में MP तीसरे नंबर पर
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। बच्चे सबसे ज्यादा सुरक्षित अपने घर और परिचितों के बीच माने जाते हैं। लेकिन हालिया आपराधिक घटनाएं भरोसे के कत्ल की खौफनाक हकीकत बयां कर रही हैं। यह घटनाएं बताती हैं- अब अनजान से ज्यादा खतरा बच्चों को परिचितों से है। जिन्हें वह और उनके स्वजन अपना मानते हैं।
अब बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में 80 प्रतिशत तक आरोपी आसपास के लोग, रिश्तेदार और परिवार से परिचित ही निकल रहे हैं। चाहें बहला-फुसलाकर अपहरण हो या हत्या की दिल दहला देने वाली वारदात, दुष्कर्म जैसे मामलों में आरोपी अपने ही निकल रहे हैं। यह घटनाएं बताती हैं- अब बच्चों के प्रति अधिक सचेत रहने की जरूरत है।
- भरोसे का फायदा: बच्चे परिचितों पर आसानी से विश्वास कर लेते हैं, उनके साथ अकेले जाने या किसी बात का विरोध करने से झिझकते हैं।
- बच्चों की चुप्पी: परिचितों को स्वजन ही अंकल, भैया बोलने के लिए कहते हैं। ऐसे में उनके खिलाफ कुछ भी बोलने से बच्चे डरते हैं। उन्हें परिचित डरा-धमकाकर चुप करा देते हैं।
- उपहार देकर शोषण: माता-पिता की व्यस्तता का फायदा कई बार परिचित उठाते हैं। बच्चों को उपहार देकर उनका ध्यान खींचते हैं और गलत हरकत करते हैं।
यह घटनाएं बताती हैं, कैसे अपनों ने बनाया शिकार
सौतेले पिता ने कत्ल कर लाश नदी में फेंकी….युवक से दोस्ती पर ऐसी सजा: सिरोल इलाके में सौतेले पिता ने ही अपनी 13 वर्षीय बेटी की गला घोंटकर हत्या कर डाली। उसकी लाश फंदे से लटकाई। इसके बाद लाश भिंड के लहार में सिंध नदी में फेंक दी। किशोरी की युवक से दोस्ती थी। वह उससे मिलने 24 मई को गई थी। इसके बाद खुद लौट आई थी। जब यह बात उसके सौतेले पिता को पता लगी तो उसने बेरहमी से पीटा। फिर गले में फंदा बांधकर किशोरी को लटका दिया। उसकी हत्या करने के बाद रात में ही लाश सिंध नदी में फेंक दी। अगले दिन सिरोल थाने पहुंचकर अपहरण की एफआइआर भी दर्ज करा दी। सात दिन बाद उसका जुर्म खुला। उसने कहा- इज्जत की खातिर बेटी की हत्या कर दी थी।
खेल-खेल में चोरी, मासूम को पड़ोसी दंपती ने दी तालिबानी सजा, हाथ-पैर बांधकर पीटा, जान चली गई: पुरानी छावनी के बरा गांव में भी आठ वर्षीय मासूम की हत्या पड़ोस में रहने वाले दंपती आमीन खान और उसकी पत्नी रेशमा खान ने कर दी। बच्ची ने खेल-खेल में इनके घर चोरी कर ली थी। चार से पांच घंटे तक हाथ-पैर बांधकर कील लगे डंडे से उसे बेरहमी से पीटा। उसके तलवों और कलाई में डंडे मारे। आखिर उसकी मौत हो गई।
पड़ोसी युवकों ने किशोर को अगवा कर किया अप्राकृतिक कृत्य, वीडियो बनाया: उपनगर ग्वालियर में पड़ोस में रहने वाले युवकों के 12 वर्षीय किशोर को अगवा किया। उसे अपने साथ ग्वालियर थाने के बाहर बने टायलेट में ले गए। यहां अप्राकृतिक कृत्य किया। वीडियो भी बनाया। जब उससे रुपये मांगने लगे, तब उसने घटना बताई। इसके बाद पुलिस ने एफआइआर लिखी और आरोपितों को पकड़ा।
बच्चों के प्रति बढ़ता अपराध….मप्र का देश में तीसरा नंबर
बच्चों के प्रति न सिर्फ ग्वालियर बल्कि प्रदेश में अपराध बढ़ रहा है। एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक मप्र देश में तीसरे नंबर पर है। यहां सालभर में बच्चों के विरुद्ध 21 हजार 908 अपराध हुए। महाराष्ट्र 24 हजार 771 घटनाओं के साथ पहले नंबर पर है, जबकि में 22 हजार 202 घटना हुई।
