भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पटवारी रेखा शाक्य पर एफआईआर दर्ज की गई है। …और पढ़ें

HighLights
- पति के जरिए डील।
- नामांतरण के बदले मांगे थे 15 हजार रुपये।
- लोकायुक्त की रिकॉर्डिंग में खुली पोल।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। लोकायुक्त पुलिस ने घूसखोर महिला पटवारी रेखा शाक्य को पकड़ा है। वह नामांतरण के एवज में पांच हजार रुपये की रिश्वत ले रही थी। इसी दौरान रंगेहाथ पकड़ा गया। चौंकाने वाली बात यह है-महिला पटवारी ने भ्रष्टाचार के लिए दूसरे पटवारी रणवीर पटेल की साझेदारी में बाकायदा निजी कार्यालय खोल रखा था। इसी में वह रिश्वत ले रही थी। घूस भी वह अपने पति कृष्णकांत के जरिये लेती थी। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पटवारी पर एफआईआर दर्ज की गई है।
नामांतरण के बदले मांगी थी रिश्वत
मुरार स्थित सिरसौद गांव में रहने वाले मंशाराम को अपनी बहन गुड्डी बाई की जमीन का सीमांकन और पत्नी सावित्री बाई के नाम जमीन का नामांतरण करवाना था। इसके लिए उसने आवेदन दिया था। पटवारी रेखा शाक्य द्वारा कई दिनों से आवेदन लंबित रखा गया। जब नामांतरण नहीं हुआ तो रेखा से बात की। उसने एक नंबर दिया और कहा कि इस नंबर पर बात कर लेना। जब मंशाराम ने काल किया तो यह नंबर कृष्णकांत शाक्य का निकला। वह रेखा का पति ही है। उसने कहा कि नामांतरण हो जाएगा, इसके एवज में 15 हजार रुपये लगेंगे। पति ने पहले 3500 रुपये ले लिए। इसके बाद और रुपये मांगे।
पटवारी ने मुरार में बुलाया था रुपये लेकर
मंशाराम ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। इसके बाद उसे रिकार्डर दिया गया। इसमें पति के फोन से ही महिला पटवारी ने बात की। उसने पांच हजार रुपये दूसरी किश्त और इसके बाद तीसरी किश्त की बात कही। यह रिकार्ड करने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने पांच हजार रुपये देकर भेजा। रेखा ने मुरार में रहने वालीं पूनम माथुर के मकान में तीसरी मंजिल पर रुपये लेकर बुलाया। यहां पति भी मौजूद था। जैसे ही फरियादी ने पांच हजार रुपये दिए तो लोकायुक्त टीम यहां आ गई। रेखा को पकड़ लिया।
केमिकल से धुलाते ही गुलाबी हो गए हाथ
जब पटवारी के हाथ केमिकल युक्त पानी से धुलवाए गए, तो उनका रंग गुलाबी हो गया, जो इस बात का पक्का वैज्ञानिक सबूत है कि नोटों को आरोपी ने ही छुआ था। लोकायुक्त ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
नामांतरण के एवज में महिला पटवारी द्वारा घूस मांगी गई थी। उसे रंगेहाथ पकड़ा गया है। पति को भी आरोपित बनाया जाएगा। इन लोगों ने निजी कार्यालय खोल रखा था, जिसमें एक और पटवारी शामिल है। -निरंजन शर्मा, पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त पुलिस।
